Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड के छात्रों के लिए राहत भरी खबर है। रांची के बरियातू स्थित गवर्नमेंट फार्मेसी इंस्टीट्यूट को अगले शैक्षणिक सत्र से बैचलर ऑफ फार्मेसी (बी-फार्मा) पाठ्यक्रम शुरू करने की मंजूरी मिल गई है। फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया ने संस्थान को 60 सीटों पर बी-फार्मा कोर्स संचालित करने की स्वीकृति प्रदान की है। अब तक इस सरकारी संस्थान में केवल डिप्लोमा इन फार्मेसी की पढ़ाई होती थी।
बी-फार्मा की सुविधा नहीं होने के कारण झारखंड के छात्रों को अब तक निजी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों का रुख करना पड़ता था, जहां लाखों रुपये फीस के रूप में खर्च करने पड़ते थे। सरकारी संस्थान में यह कोर्स शुरू होने से आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्ग के छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्हें अब कम शुल्क में गुणवत्तापूर्ण फार्मेसी शिक्षा उपलब्ध हो सकेगी। प्राचार्या डॉ. आशा रानी ने बताया कि पीसीआई ने शैक्षणिक सत्र 2027-28 से बी-फार्मा प्रथम वर्ष में 60 छात्रों के नामांकन की अनुमति दी गई है।

मानकों का पालन करना होगा अनिवार्य
मान्यता के साथ पीसीआई ने संस्थान को आधार आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू करने, सभी फैकल्टी सदस्यों का ऑनलाइन पंजीकरण, छात्रों का डिजिटल सत्यापन तथा नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया है। इन मानकों का पालन नहीं करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
फार्मेसी शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा
डॉ. आशा रानी ने कहा कि सरकारी संस्थान में बी-फार्मा की पढ़ाई शुरू होने से राज्य में प्रशिक्षित फार्मासिस्टों की संख्या बढ़ेगी। साथ ही फार्मास्युटिकल उद्योग, अस्पतालों और दवा अनुसंधान के क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक छात्रों को राज्य में ही बेहतर अवसर मिल सकेंगे। यह निर्णय झारखंड में फार्मेसी शिक्षा के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।


