शिक्षा व्यवस्था पर AISF का सरकार पर निशाना, मांगें पूरी नहीं हुईं तो राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी

Meenu | June 29, 2026 | 03:28 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर,रांची :ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) झारखंड ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। संगठन का आरोप है कि झारखंड की शिक्षा व्यवस्था कई चुनौतियों का सामना कर रही है। AISF ने चेतावनी दी है कि यदि छात्रों से जुड़े मुद्दों का जल्द समाधान नहीं किया गया तो पूरे राज्य में आंदोलन शुरू किया जाएगा।

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“शिक्षा व्यापार नहीं, संवैधानिक अधिकार”

AISF के राज्य सचिव विक्रम कुमार ने कहा कि शिक्षा प्रत्येक बच्चे का संवैधानिक अधिकार है, न कि व्यापार का माध्यम। उन्होंने सरकार से शिक्षा को खर्च नहीं, बल्कि भविष्य में निवेश के रूप में देखने और सभी छात्रों को समान एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की मांग की।

शिक्षकों के रिक्त पदों और आधारभूत सुविधाओं पर जताई चिंता

प्रदेश अध्यक्ष हिमांशु सिंह ने कहा कि सरकारी स्कूलों और महाविद्यालयों में वर्षों से शिक्षकों के हजारों पद खाली पड़े हैं, जिससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने आधारभूत सुविधाओं की कमी, परीक्षा एवं परिणाम में देरी, छात्रवृत्ति भुगतान में अनियमितता और शिक्षा के बढ़ते निजीकरण पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने इन मुद्दों पर ठोस कदम नहीं उठाए तो AISF राज्यव्यापी आंदोलन करेगा।

नई शिक्षा नीति और क्लस्टर सिस्टम पर भी उठाए सवाल

प्रदेश सह-सचिव अफजल दुर्रानी ने आरोप लगाया कि उच्च शिक्षा नीति में लगातार बदलाव छात्रों के हित में नहीं हैं। उन्होंने क्लस्टर सिस्टम और कुछ कॉलेजों में बीएससी पाठ्यक्रम बंद किए जाने का विरोध करते हुए इसे छात्र हितों के खिलाफ बताया। साथ ही ई-कल्याण छात्रवृत्ति के समय पर भुगतान की भी मांग की। प्रदेश सह-सचिव एहतेशाम प्रवीण ने उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के नए प्रस्ताव (रिजॉल्यूशन) और नई शिक्षा नीति (NEP) की भी आलोचना की। उन्होंने इन नीतियों पर पुनर्विचार करने की मांग की। फिलहाल AISF के आरोपों और मांगों पर राज्य सरकार या संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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