लखनऊ में मुकेश सहनी को रोका गया, VIP सुप्रीमो ने कहा- ‘यह अघोषित आपातकाल जैसा’

Rupa Kumari | June 29, 2026 | 02:22 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर,पटना : विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के प्रमुख मुकेश सहनी को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में उनके प्रस्तावित कार्यक्रमों से पहले रोक दिए जाने को लेकर सियासी विवाद गहरा गया है। सहनी ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए इसे “अघोषित आपातकाल” जैसी स्थिति करार दिया है। पार्टी की ओर से जारी बयान के अनुसार, मुकेश सहनी को शाहजहांपुर समेत अन्य जिलों के प्रस्तावित दौरे पर जाने से रोक दिया गया। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका का हवाला देते हुए यह कदम उठाया है।

शाहजहांपुर दौरे पर रोक, पुलिस ने जताई आशंका

बताया गया है कि शाहजहांपुर के पुलिस अधीक्षक की ओर से जारी पत्र में आशंका व्यक्त की गई थी कि सहनी के दौरे से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसी आधार पर उन्हें लखनऊ में ही रहने और उनकी गतिविधियों पर निगरानी रखने का निर्देश दिया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है और विपक्षी दल इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहे हैं।

लोकतांत्रिक मूल्यों को कुचलने का आरोप

मुकेश सहनी ने कहा कि जनता के मुद्दे उठाने वाले नेताओं को रोकना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए ठीक संकेत नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विरोधी आवाजों को दबाने की कोशिश कर रही है और लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर किया जा रहा है। सहनी ने कहा कि किसी जनप्रतिनिधि के आवागमन और सार्वजनिक कार्यक्रमों में भागीदारी पर रोक लगाना लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है।

निषाद समाज की लड़ाई जारी रखने का ऐलान

VIP प्रमुख ने दावा किया कि यह कार्रवाई निषाद समाज के अधिकार, सम्मान और आरक्षण की मांग को कमजोर करने के उद्देश्य से की गई है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी और समाज का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि निषाद समाज अपने अधिकारों के प्रति जागरूक है और संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा। साथ ही चेतावनी दी कि ऐसी कार्रवाइयों से जनता में असंतोष बढ़ सकता है।\

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सियासी हलकों में बढ़ी चर्चा

मुकेश सहनी को लखनऊ में रोके जाने की घटना ने बिहार और उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई और VIP की राजनीतिक रणनीति पर टिकी हुई है।

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