झारखंड: सरकारी स्कूलों को मिलेंगे 1,042 नए सहायक आचार्य, कल खेलगांव में सीएम हेमंत सोरेन सौंपेंगे नियुक्ति पत्र

Meenu | June 28, 2026 | 01:06 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर,रांची :झारखंड सरकार राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 29 जून 2026 को 1,042 नवनियुक्त सहायक आचार्यों को नियुक्ति पत्र सौंपेंगे। यह कार्यक्रम रांची के खेलगांव में आयोजित किया जाएगा।

यह भी पढ़ें :पूर्वी सिंहभूम: पोटका में ब्रेन मलेरिया से 3 स्कूली बच्चों की मौत, एमजीएम अस्पताल में 20 मरीज भर्ती

पहली से आठवीं कक्षा तक मिलेंगे नए शिक्षक, 26,000 शिक्षकों की भर्ती का लक्ष्य

इस नियुक्ति प्रक्रिया के तहत कुल 1,042 शिक्षकों की नियुक्ति की गई है, जिसमें-

  • 274 सहायक आचार्य पहली से पांचवीं कक्षा के लिए
  • 768 सहायक आचार्य छठी से आठवीं कक्षा के लिए

शिक्षा विभाग के अनुसार इन नियुक्तियों से कई ऐसे स्कूलों को शिक्षक मिलेंगे जहां लंबे समय से पद खाली थे। राज्य सरकार ने प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में कुल 26,000 सहायक आचार्यों की भर्ती का लक्ष्य रखा है। अब तक लगभग 12,500 से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति पूरी हो चुकी है। शेष पदों पर चरणबद्ध तरीके से भर्ती प्रक्रिया जारी है।

कई जिलों में हुई है विषयवार नियुक्ति

इस चरण में विभिन्न विषयों के शिक्षक भी शामिल हैं, जिनमें—

  • भाषा विषय के 150 शिक्षक
  • गणित एवं विज्ञान के 251 शिक्षक
  • सामाजिक विज्ञान के 387 शिक्षक

अधिकारियों का कहना है कि इससे सरकारी स्कूलों में विषयवार शिक्षण व्यवस्था बेहतर होगी।

जिलावार नियुक्तियों का विवरण

इस चरण में जिलों के अनुसार नियुक्तियां इस प्रकार हैं—

  • पलामू: 123
  • साहिबगंज: 63
  • पश्चिमी सिंहभूम: 61
  • देवघर: 59
  • दुमका: 54
  • गोड्डा: 53
  • पाकुड़: 51
  • रांची: 36
  • लातेहार: 41
  • धनबाद: 42
  • बोकारो: 24
  • रामगढ़: 4

अन्य जिलों में भी चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे।

खाली पदों को भरने की प्रक्रिया जारी

शिक्षा विभाग के अनुसार यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी ताकि सभी सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी को पूरी तरह दूर किया जा सके। कई स्कूलों में अभी भी एक या दो शिक्षकों के भरोसे पढ़ाई चल रही है। अधिकारियों का कहना है कि इन नियुक्तियों से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा।

Share this news

संबंधित खबरें