Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड में मॉनसून की रफ्तार उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ पा रही है। राज्य में एक जून से 24 जून तक सामान्य से 58 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है, जिससे कई जिलों में गर्मी और उमस का असर अब भी बना हुआ है। हालांकि मौसम विभाग ने 25 से 30 जून के बीच राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश, मेघ गर्जन और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 25 जून को रांची का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। राज्य में इस अवधि के दौरान सामान्य रूप से 132.2 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक केवल 55.6 मिमी वर्षापात दर्ज किया गया है। राजधानी रांची में भी सामान्य से 13 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
25 और 26 जून को बारिश और वज्रपात की संभावना
मौसम विभाग ने 25 जून को राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं गढ़वा, पलामू और चतरा समेत उत्तर-पश्चिमी जिलों में कहीं-कहीं लू चलने की आशंका भी व्यक्त की गई है। 26 जून को भी राज्य के कई इलाकों में आंशिक बादल छाए रहने, हल्की से मध्यम बारिश और मेघ गर्जन की संभावना जताई गई है।
मॉनसून के बावजूद गर्मी से राहत नहीं
राज्य में मॉनसून प्रवेश कर चुका है, लेकिन लगातार और व्यापक बारिश नहीं होने से लोगों को गर्मी से पूरी राहत नहीं मिल पाई है। बुधवार को रांची में 15 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि बोकारो समेत कुछ अन्य क्षेत्रों में हल्की बारिश हुई। बुधवार को दर्ज अधिकतम तापमान के अनुसार मेदिनीनगर सबसे गर्म रहा, जहां पारा 39.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके अलावा जमशेदपुर में 37.6 डिग्री, चाईबासा में 37 डिग्री, बोकारो में 36.2 डिग्री और रांची में 34.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

बारिश ने खोली जलनिकासी व्यवस्था की पोल
राजधानी रांची में हुई बारिश के बाद कई इलाकों में जलजमाव और नालियों का पानी सड़कों पर बहता नजर आया। खेलगांव चौक, बरियातू रोड, सेवा सदन पथ, रातू रोड, डिस्टिलरी पुल और सिरमटोली चौक समेत कई स्थानों पर जलनिकासी की समस्या सामने आई। एक ओर बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं दूसरी ओर शहर की ड्रेनेज व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर बारिश में यही स्थिति बनती है, जिससे आवागमन प्रभावित होता है और लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है।
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किसानों की बढ़ी चिंता
सामान्य से कम बारिश के कारण किसानों की चिंता भी बढ़ने लगी है। खेती-किसानी का काम मॉनसून पर निर्भर होने के कारण पर्याप्त वर्षा नहीं होने से धान रोपनी समेत अन्य कृषि कार्य प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। अब किसानों और आम लोगों की नजरें अगले कुछ दिनों के मौसम पर टिकी हैं।

Reporter | Samachar Post
मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।

