देवघर सदर अस्पताल पर गंभीर आरोप, घायल युवक को चढ़ाई गई एक्सपायरी स्लाइन; जांच के आदेश

Rupa Kumari | June 20, 2026 | 02:42 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, देवघर : झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। देवघर सदर अस्पताल में सड़क दुर्घटना में घायल एक युवक को कथित तौर पर एक्सपायरी स्लाइन चढ़ाने और इलाज शुरू करने से पहले पैसे मांगने का मामला सामने आया है। घटना के बाद अस्पताल परिसर में हंगामा मच गया और परिजनों ने जिम्मेदार स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। जानकारी के अनुसार, बैजनाथपुर निवासी कृष कुमार अपने एक मित्र के साथ बाइक से बिलासी चौक की ओर जा रहा था। इसी दौरान सामने से आ रहे तेज रफ्तार वाहन ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों की मदद से उसे तत्काल इलाज के लिए देवघर सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया।

मां ने लगाए गंभीर आरोप

घायल युवक की मां टुम्पा देवी ने अस्पताल कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि बेटे को अस्पताल लाने के बाद प्राथमिक उपचार और ड्रेसिंग शुरू करने से पहले उनसे पैसे मांगे गए। टुम्पा देवी के अनुसार, उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों को बताया कि वह जल्दबाजी में घर से बिना पैसे लिए निकली हैं, लेकिन इसके बावजूद इलाज शुरू नहीं किया गया। उनका आरोप है कि बेटे की हालत बिगड़ती देख उन्हें मजबूरी में अपना मोबाइल फोन गिरवी रखना पड़ा, जिसके बाद उपचार शुरू किया गया।

एक्सपायरी स्लाइन चढ़ाने का आरोप

परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान कृष कुमार को जो स्लाइन लगाई गई थी, उसकी वैधता अवधि समाप्त हो चुकी थी। उनके अनुसार स्लाइन के पैकेट पर जनवरी 2026 तक की एक्सपायरी डेट अंकित थी, जबकि उसे जून 2026 में मरीज को चढ़ाया गया। मामले की जानकारी मिलते ही परिजनों ने अस्पताल में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और स्वास्थ्यकर्मियों की लापरवाही पर सवाल उठाए। हंगामे के बाद अस्पताल कर्मियों ने कथित रूप से उक्त स्लाइन को हटाकर दूसरी स्लाइन लगा दी। फिलहाल घायल युवक की हालत सामान्य बताई जा रही है और उसका इलाज जारी है।

यह भी पढ़ें: लोहरदगा में दर्दनाक हादसा: शादी में जा रहे तीन भाई-बहनों को बॉक्साइट लदे ट्रक ने रौंदा, तीनों की मौत

सिविल सर्जन ने दिए जांच के आदेश

मामले को गंभीरता से लेते हुए डॉ. रमेश कुमार ने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा। सिविल सर्जन ने स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी स्वास्थ्यकर्मी की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ विभागीय और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद देवघर सदर अस्पताल की कार्यप्रणाली और मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल खड़े होने लगे हैं। परिजनों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में ऐसी लापरवाही मरीजों की जान के लिए खतरा बन सकती है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है।

Share this news

संबंधित खबरें