मौसमक्रिकेटहेल्थक्राइमस्पोर्ट्सबॉलीवुडएजुकेशनबिजनेसलाइफस्टाइलदेशविदेश

रांची यूनिवर्सिटी की डिग्री में बड़ी चूक, ‘गुलाब एक्का’ को बना दिया ‘Rose Ekka’

--Advertisment--

Samachar Post रिपोर्टर,रांची : रांची विश्वविद्यालय एक बार फिर अपनी परीक्षा व्यवस्था और दस्तावेज प्रबंधन को लेकर विवादों में है। इस बार मामला बीएड की डिग्री में हुई एक गंभीर गलती से जुड़ा है, जहां एक छात्र का नाम हिंदी और अंग्रेजी में अलग-अलग दर्ज कर दिया गया। डिग्री में छात्र का नाम हिंदी में ‘गुलाब एक्का’ छपा है, जबकि अंग्रेजी संस्करण में उसका नाम ‘Rose Ekka’ लिख दिया गया। यानी नाम का शाब्दिक अनुवाद कर दिया गया।इस घटना के सामने आने के बाद विश्वविद्यालय की परीक्षा संबंधी सेवाएं संभाल रही निजी एजेंसी की कार्यशैली पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। रांची विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य फिलहाल एनसीसीएफ (नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड) के जिम्मे हैं। एजेंसी अंकपत्र, एडमिट कार्ड, रिजल्ट और डिग्री जारी करने जैसे कार्यों का संचालन करती है। हालांकि यह पहली बार नहीं है जब एजेंसी की कार्यप्रणाली विवादों में आई हो। छात्रों और छात्र संगठनों का आरोप है कि पिछले कुछ वर्षों में कई बार नाम, अंक और रिजल्ट संबंधी गंभीर त्रुटियां सामने आ चुकी हैं।

फरवरी में भी सामने आई थी बड़ी गड़बड़ी

इस साल फरवरी में भी एडमिट कार्ड में नाम संबंधी कई गलतियां सामने आई थीं। सिल्ली कॉलेज के 81 विद्यार्थियों के नाम गलत प्रिंट हो गए थे। वहीं रांची वीमेंस कॉलेज की 40 से अधिक छात्राओं के एडमिट कार्ड में भी त्रुटियां पाई गई थीं। परीक्षा से ठीक पहले हुई इन गलतियों के कारण छात्रों को सुधार के लिए विश्वविद्यालय कार्यालय के चक्कर लगाने पड़े थे। छात्र संगठनों का कहना है कि समस्या केवल नाम की गलतियों तक सीमित नहीं है। कई मामलों में विद्यार्थियों को गलत तरीके से फेल घोषित कर दिया जाता है, जबकि कुछ छात्रों के विषयों में शून्य अंक दर्ज कर दिए जाते हैं। ऐसी त्रुटियों के कारण छात्रों को रिजल्ट संशोधन और दस्तावेज सुधार के लिए कई सप्ताह तक इंतजार करना पड़ता है, जिससे उनकी पढ़ाई और करियर प्रभावित होता है। लगातार सामने आ रही शिकायतों के बाद कई छात्र और सामाजिक संगठन एनसीसीएफ को ब्लैकलिस्ट करने की मांग कर रहे हैं। अबुआ अधिकार मंच के यूथ एवं स्टूडेंट वेलफेयर प्रभारी अभिषेक शुक्ला का कहना है कि एजेंसी की लापरवाही का खामियाजा सीधे छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। छोटी-छोटी गलतियों को ठीक कराने के लिए विद्यार्थियों को बार-बार विश्वविद्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं।

2022 में निजी एजेंसी को सौंपा गया था काम

रांची विश्वविद्यालय ने दिसंबर 2022 में परीक्षा विभाग से जुड़े कई कार्य निजी एजेंसी एनसीसीएफ को सौंप दिए थे। इससे पहले ये सभी कार्य विश्वविद्यालय के अपने परीक्षा विभाग द्वारा संचालित किए जाते थे। विश्वविद्यालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार, उस समय परीक्षा विभाग की वार्षिक आय लगभग चार करोड़ रुपये थी और खर्च दो करोड़ रुपये से कम था। लेकिन निजी एजेंसी को जिम्मेदारी मिलने के बाद परीक्षा शुल्क में वृद्धि हुई और विश्वविद्यालय को हर साल एजेंसी पर करोड़ों रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। निजी एजेंसी को परीक्षा संबंधी जिम्मेदारियां सौंपे जाने के बाद छात्रों के शैक्षणिक डेटा की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ी है। पहले विद्यार्थियों का पूरा रिकॉर्ड विश्वविद्यालय के नियंत्रण में रहता था, लेकिन अब बड़ी मात्रा में डेटा निजी एजेंसी के पास उपलब्ध है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि छात्रों के शैक्षणिक रिकॉर्ड की सुरक्षा सुनिश्चित करना विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी है और इस विषय पर पारदर्शिता जरूरी है।

निष्क्रिय हो गया विश्वविद्यालय का डेटा प्रोसेसिंग सेल

मोरहाबादी स्थित रांची विश्वविद्यालय का एग्जामिनेशन डेटा प्रोसेसिंग सेल कभी परीक्षा संचालन का प्रमुख केंद्र हुआ करता था। यहीं से रिजल्ट तैयार किए जाते थे और मार्कशीट, माइग्रेशन सर्टिफिकेट, प्रोविजनल सर्टिफिकेट तथा डिग्रियां जारी होती थीं। विश्वविद्यालय से जुड़े लोगों का दावा है कि इस व्यवस्था के दौरान परिणाम समय पर जारी होते थे और तकनीकी त्रुटियां अपेक्षाकृत कम थीं। निजी एजेंसी को कार्य सौंपे जाने के बाद यह व्यवस्था लगभग निष्क्रिय हो चुकी है।

यह भी पढ़ें: झारखंड में मौसम का बड़ा बदलाव, रांची समेत 17 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी

एक डिग्री की गलती ने खड़े किए बड़े सवाल

‘गुलाब एक्का’ का नाम अंग्रेजी में ‘Rose Ekka’ छपना महज एक तकनीकी गलती नहीं माना जा रहा है। इस घटना ने विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था, गुणवत्ता नियंत्रण और दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रों का कहना है कि यदि डिग्री जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज में नाम तक सही नहीं छप रहा है, तो पूरी परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर प्रश्न उठना स्वाभाविक है। अब सबकी नजर विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्रवाई और भविष्य में ऐसी गलतियों को रोकने के उपायों पर टिकी है।

https://samacharpost.live/2026/06/jharkhand-weather-update-orange-alert-in-17-districts-heavy-rain-thunderstorm-warning/
Samachar Post App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां। रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Rupa Kumari

Reporter | Samachar Postमैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।See Profile

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment