- सीआईपी की पहल, पांच जिलों के 500 सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को किया जाएगा प्रशिक्षित
Samachar Post रिपोर्टर, रांची : केंद्रीय मनोचिकित्सा संस्थान रांची के मनोरोग सामाजिक कार्य विभाग द्वारा भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद के सहयोग से संचालित परियोजना “झारखंड में ग्रामीण (जनजातीय) सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के लिए मानसिक स्वास्थ्य एवं आत्महत्या जोखिम प्रबंधन प्रशिक्षण की प्रभावशीलता का मूल्यांकन” के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने कहा कि सामुदायिक स्तर पर प्रशिक्षित स्वास्थ्य कार्यकर्ता मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान, समय पर हस्तक्षेप और आत्महत्या रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने इस पहल को ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
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पहले चरण में रांची के 100 कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण
परियोजना के प्रथम चरण में रांची जिले के 100 सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं (सीएचडब्ल्यू) को प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं, पूरे प्रोजेक्ट के तहत झारखंड के पांच जिलों के कुल 500 स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को मानसिक स्वास्थ्य और आत्महत्या जोखिम प्रबंधन की जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता सीआईपी के प्रभारी निदेशक डॉ. एके सुधांशु ने की। इस अवसर पर रांची के सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार, राज्य आयुष सलाहकार समिति के संयोजक डॉ. राजीव कुमार, रिनपास के पूर्व निदेशक प्रो. अमूल रंजन सिंह, एनएचएम के नोडल पदाधिकारी डॉ. लाल मांझी सहित कई विशेषज्ञ मौजूद थे।
नुक्कड़ नाटक के माध्यम से दिया जागरूकता का संदेश
कार्यक्रम के दौरान एम.फिल. मनोरोग सामाजिक कार्य के विद्यार्थियों ने मानसिक स्वास्थ्य और आत्महत्या रोकथाम विषय पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। विशेषज्ञों ने कहा कि प्रशिक्षित स्वास्थ्य कार्यकर्ता गांवों और जनजातीय क्षेत्रों में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने तथा जरूरतमंद लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।