Samachar Post रिपोर्टर, जमशेदपुर: जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में क्षेत्र की लंबित योजनाओं और अधूरे विकास कार्यों को लेकर अधिकारियों को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र से जुड़े 25 महत्वपूर्ण मुद्दे उठाते हुए संबंधित विभागों से जवाबदेही तय करने और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
पीएम आवास योजना में देरी पर जताई नाराजगी
बैठक में विधायक ने बिरसानगर की प्रधानमंत्री आवास योजना में हो रही देरी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में शुरू हुई परियोजना अब तक पूरी नहीं हो सकी है। इससे लाभुकों को एक साथ बैंक की ईएमआई और मकान किराया चुकाना पड़ रहा है। उन्होंने लंबित निर्माण कार्य जल्द पूरा कर आवासों का आवंटन करने की मांग की। पूर्णिमा साहू ने जेपी सेतु बस स्टैंड की बदहाल स्थिति, सुलभ शौचालयों के खराब रखरखाव और सीवरेज सफाई व्यवस्था की खामियों को भी बैठक में उठाया। उन्होंने शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आधुनिक जेटिंग मशीन उपलब्ध कराने की मांग की।
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महिला समूहों को बाजार और आर्थिक सहायता देने की मांग
विधायक ने महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों के लिए स्थायी बाजार उपलब्ध कराने, ऋण राहत देने और सरकारी खरीद व्यवस्था शुरू करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका कहना था कि इससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर उन्होंने बिरसानगर थाना को पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने, अवैध जुआ-सट्टा और नशे के कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही ट्रैफिक जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए प्रमुख चेकिंग प्वाइंट्स पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का सुझाव दिया।
बाढ़ और जलजमाव से निपटने के लिए स्थायी व्यवस्था
मानसून को देखते हुए विधायक ने बाढ़ और जलजमाव प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए स्थायी एनडीआरएफ टीम तैनात करने का प्रस्ताव भी रखा। उनका कहना था कि समय रहते तैयारी से आपदा की स्थिति में नुकसान कम किया जा सकता है। टाटा स्टील लीज क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं को सरल बनाने, स्कूलों में बिजली लोड स्वीकृत करने, सामुदायिक भवनों में बिजली-पानी कनेक्शन उपलब्ध कराने तथा कंपनी क्वार्टरों को तोड़कर किए जा रहे व्यावसायिक विस्तार की जांच कराने की मांग भी बैठक में उठाई गई।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग
स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर विधायक ने स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों और कर्मियों की कमी दूर करने, एमजीएम अस्पताल में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने में हो रही देरी खत्म करने तथा नए एमजीएम अस्पताल तक निःशुल्क बस सेवा शुरू करने की मांग की। उन्होंने 108 एंबुलेंस सेवा को और प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया।
शिक्षा, बिजली और पर्यावरण पर भी उठाए सवाल
पूर्णिमा साहू ने कहा कि कई इलाकों में अब भी बांस-बल्ली के सहारे बिजली आपूर्ति हो रही है और जर्जर पोल व खुले तार दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं। उन्होंने सुवर्णरेखा नदी में बिना उपचारित अपशिष्ट छोड़े जाने पर चिंता जताते हुए ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने की मांग की। इसके अलावा लिट्टी चौक से एनएच-33 तक प्रस्तावित पुल निर्माण में तेजी लाने, स्कूलों को प्लस-टू स्तर तक अपग्रेड करने, शिक्षकों की नियुक्ति करने और स्थानीय युवाओं के लिए आधुनिक कौशल विकास केंद्र स्थापित करने की मांग भी उन्होंने बैठक में प्रमुखता से रखी। विधायक ने कहा कि क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए केवल योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका समय पर क्रियान्वयन भी सुनिश्चित होना चाहिए। उन्होंने संबंधित विभागों से लंबित मामलों पर जल्द कार्रवाई कर जनता को राहत देने की अपील की।
Reporter | Samachar Post
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