Samachar Post रिपोर्टर, रांची: झारखंड विधानसभा में कार्यरत कनीय सचिवालय सहायक अंजना तिवारी की गॉलब्लैडर सर्जरी के बाद मौत हो जाने से राजधानी में आक्रोश का माहौल है। परिजनों ने रांची के निजी अस्पताल सेंटविटा और संबंधित चिकित्सकों पर गंभीर चिकित्सीय लापरवाही का आरोप लगाया है। जानकारी के अनुसार अंजना तिवारी को 24 मई को गॉलब्लैडर ऑपरेशन के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का कहना है कि भर्ती के समय उनकी सभी मेडिकल जांच सामान्य थीं और वह खुद चलकर अस्पताल पहुंची थीं।
ऑपरेशन के बाद बिगड़ी तबीयत
परिवार के मुताबिक सामान्य सर्जरी के बाद अचानक उनकी हालत बिगड़ने लगी। आरोप है कि ऑपरेशन के बाद उन्हें 8 यूनिट रक्त और 2 यूनिट प्लाज्मा चढ़ाना पड़ा, जिसे परिजन असामान्य बता रहे हैं। परिजनों का दावा है कि बाद में उन्हें जानकारी मिली कि ऑपरेशन के दौरान artery puncture हो गया था, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव हुआ। साथ ही ठंडा रक्त चढ़ाने और multiple organ failure जैसी स्थिति बनने की बात भी सामने आई है। स्थिति गंभीर होने पर अंजना तिवारी को 24 मई की रात भगवान महावीर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान 26 मई की सुबह उनकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि अंजना तिवारी विधवा थीं और उनकी 16 वर्षीय बेटी है। घटना के बाद परिवार और सहकर्मियों में भारी आक्रोश है।
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विधानसभा परिसर में धरना
घटना के विरोध में झारखंड विधानसभा परिसर में सचिवालय कर्मी धरने पर बैठ गए और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। परिजनों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।
