Samachar Post रिपोर्टर, रांची :कुख्यात गैंगस्टर विकास तिवारी को झारखंड हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाई कोर्ट की वेकेशन बेंच ने सीआईडी केस संख्या 08/2024 में सुनवाई करते हुए विकास तिवारी को जमानत दे दी। यह आदेश न्यायाधीश रंगन मुखोपाध्याय की अदालत ने पारित किया। जानकारी के मुताबिक, मामला रंगदारी और जबरन वसूली से जुड़ा हुआ है। सीआईडी ने आरोप लगाया था कि विकास तिवारी और उसके सहयोगी मुकेश साव ने लोगों को जान से मारने की धमकी देकर रंगदारी मांगने की कोशिश की थी। मामले की जांच के बाद सीआईडी ने अदालत में चार्जशीट भी दाखिल की थी।
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बचाव पक्ष ने साक्ष्यों पर उठाए सवाल
सुनवाई के दौरान विकास तिवारी की ओर से अधिवक्ता हेमंत कुमार सिकरवार, मौली सिन्हा और अमनदीप ने पक्ष रखा। बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि मामले में पर्याप्त और ठोस साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं। वहीं, सीआईडी की ओर से अधिवक्ता शैलेश कुमार सिन्हा ने अदालत में अपना पक्ष रखते हुए जमानत का विरोध किया।
अदालत ने क्या कहा?
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाई कोर्ट ने मामले में साक्ष्यों की कमी और तथ्यों के अभाव को आधार मानते हुए विकास तिवारी को जमानत देने का आदेश दिया। हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले की सुनवाई अभी समाप्त नहीं हुई है। सीआईडी द्वारा दाखिल चार्जशीट और अन्य कानूनी पहलुओं पर निचली अदालत में आगे भी सुनवाई जारी रहेगी। हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद कानूनी और अपराध जगत में मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
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