Samachar Post रिपोर्टर,जामताड़ा :जामताड़ा रेलवे स्टेशन परिसर में स्थित करीब 100 साल पुराने फुट ओवरब्रिज को रविवार को रेलवे प्रशासन ने पूरी तरह हटाकर जमींदोज कर दिया। लंबे समय से जर्जर घोषित इस पुल पर पहले ही लोगों की आवाजाही रोक दी गई थी। सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए रेलवे ने विशेष तकनीकी व्यवस्था के बीच यह कार्रवाई पूरी की।
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शहर की “लाइफ लाइन” माना जाता था यह पुल
यह फुट ओवरब्रिज कभी जामताड़ा शहर की लाइफ लाइन माना जाता था। वर्षों तक हजारों लोग इसी पुल के जरिए स्टेशन के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक पहुंचते थे। जामताड़ा महाविद्यालय, थाना, न्यायालय और थाना रोड इलाके के लोगों के लिए यह बाजार तक जाने का सबसे छोटा और सुविधाजनक रास्ता था। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर की कई पीढ़ियों की यादें इस पुल से जुड़ी हुई थीं और इसके हटने से भावुक माहौल बन गया।
भारी क्रेन और टावर वैगन की मदद से हटाया गया पुल
रेलवे सूत्रों के अनुसार आसनसोल रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले इस जर्जर पुल को सिग्नल डीआरआई ब्रिज विभाग की निगरानी में हटाया गया। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि पुल हटाने के लिए दो भारी डीजल क्रेन का इस्तेमाल किया गया। वहीं हाई टेंशन बिजली तारों को हटाने के लिए चार टावर वैगन लगाए गए। महज 10 मिनट के भीतर पूरे लोहे के ढांचे को सुरक्षित तरीके से जमीन पर उतार लिया गया।
स्टेशन परिसर खाली कर कराया गया काम
कार्रवाई शुरू करने से पहले रेलवे प्रशासन ने पूरे स्टेशन परिसर को खाली करा लिया था, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो। पूरे अभियान के दौरान तकनीकी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई। इस दौरान स्टेशन प्रबंधक एस.के. पासवान, आरपीएफ जवान, रेलवे कर्मी और संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
इतिहास का हिस्सा था यह पुल
पुराने फुट ओवरब्रिज के हटने के बाद कई स्थानीय लोग भावुक नजर आए। लोगों का कहना था कि यह पुल सिर्फ आवाजाही का साधन नहीं, बल्कि जामताड़ा शहर के इतिहास और पुरानी यादों का अहम हिस्सा था। आधुनिक विकास के बीच अब यह पुल बीते दौर की याद बनकर रह गया है।
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