Samachar Post रिपोर्टर,पश्चिमी सिंहभूम :पश्चिमी सिंहभूम जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। मंझारी थाना क्षेत्र के तांतनगर ओपी अंतर्गत छोटा तेंताडा गांव में नदी में डूबने से तीन वर्षीय मासूम बच्ची की मौत हो गई। मृत बच्ची की पहचान संगीता सिरका के रूप में हुई है। यह घटना ग्रामीण इलाकों में आपात स्थिति के दौरान अंधविश्वास और इलाज में देरी की गंभीर समस्या को एक बार फिर उजागर करती है।
यह भी पढ़ें :CM हेमंत सोरेन कल 316 सहायक आचार्यों को सौंपेंगे नियुक्ति पत्र, शिक्षा विभाग की तैयारी पूरी
खेलते-खेलते नदी में चली गई बच्ची
जानकारी के अनुसार, संगीता गांव के अन्य बच्चों के साथ खेलते-खेलते नदी किनारे पहुंच गई थी। उस समय कुछ बच्चे नदी में नहा रहे थे। उन्हें देखकर वह भी पानी में उतर गई। खेल के दौरान बच्ची अनजाने में गहरे पानी की ओर चली गई और डूबने लगी। आसपास मौजूद बच्चों ने शोर मचाया, जिसके बाद उसकी भाभी मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद बच्ची को नदी से बाहर निकाला। तब तक वह अचेत हो चुकी थी।
अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक में लगे परिजन
घटना के बाद परिवार में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन बच्ची को तुरंत अस्पताल ले जाने के बजाय परिजन झाड़-फूंक में लग गए। ग्रामीणों के मुताबिक, काफी देर तक ओझा-गुनी के जरिए बच्ची को होश में लाने की कोशिश की जाती रही। जब हालत में कोई सुधार नहीं हुआ, तब देर शाम उसे सदर अस्पताल चाईबासा ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद बच्ची को मृत घोषित कर दिया।
समय पर इलाज से बच सकती थी जान- डॉक्टर
चिकित्सकों का कहना है कि डूबने जैसी घटनाओं में शुरुआती कुछ मिनट बेहद अहम होते हैं। यदि समय पर प्राथमिक उपचार और मेडिकल सहायता मिल जाए तो कई मामलों में जान बचाई जा सकती है। इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता की कमी और अंधविश्वास के कारण इलाज में होने वाली देरी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और यूडी केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
Reporter | Samachar Post