Samachar Post रिपोर्टर, चतरा : झारखंड के चतरा जिले के टंडवा में वन विभाग ने बिना एनओसी वन भूमि का इस्तेमाल कर कोयला ढुलाई कर रही कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। विभाग की टीम ने जेसीबी चलाकर चार स्थानों पर सड़क काट दी, जिससे कोयला परिवहन पूरी तरह प्रभावित हो गया। कार्रवाई के बाद कोयला परिवहन से जुड़ी कंपनियों में हड़कंप मच गया है और मगध क्षेत्र से होने वाला डिस्पैच ठप पड़ गया है।
वन क्षेत्र से हो रही थी कोयला ढुलाई
जानकारी के अनुसार मगध कोल परियोजना से एनटीपीसी पावर प्लांट समेत अन्य जगहों तक कोयले की ढुलाई के लिए वन क्षेत्र से होकर सड़क का इस्तेमाल किया जा रहा था। आरोप है कि इस सड़क के उपयोग के लिए जरूरी एनओसी नहीं ली गई थी। बताया जा रहा है कि कई वर्षों से इसी रास्ते से कोयले का परिवहन जारी था।
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डीएफओ के निर्देश पर हुई कार्रवाई
मंगलवार को डीएफओ के निर्देश पर वन विभाग की टीम ने मासीलौंग और सराढू इलाके में अभियान चलाया। इस दौरान जेसीबी की मदद से सड़क पर ट्रेंच खोदकर रास्ता बंद कर दिया गया। वन विभाग का कहना है कि बिना अनुमति वन भूमि का इस्तेमाल नियमों का उल्लंघन है, इसलिए कार्रवाई की गई। सड़क कटने के बाद मगध क्षेत्र से चतरा रूट के जरिए होने वाला कोयला डिस्पैच प्रभावित हो गया है। अचानक हुई कार्रवाई से परिवहन व्यवस्था पर बड़ा असर पड़ा है। वन विभाग की कार्रवाई के बाद सीसीएल और ट्रांसपोर्टिंग कंपनियों में हलचल बढ़ गई है।
वन विभाग ने दी सफाई
रेजर मुक्ति प्रकाश पन्ना ने बताया कि वन भूमि से बिना एनओसी कोयले का परिवहन किया जा रहा था। सूचना मिलने के बाद विभाग ने नियमों के तहत कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि वन भूमि के उपयोग के लिए संबंधित विभाग से अनुमति लेना अनिवार्य है। इस अभियान में वन रक्षी कार्तिक उरांव, सुनील उरांव, शत्रुघ्न चौबे, सतनारायण दास, मुकेश और निर्मल मुंडा समेत वन विभाग की टीम शामिल रही।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।