गढ़वा में आज ‘कॉफी विद एसडीएम’, नर्सिंग कर्मियों के सुझावों से सुधरेगी स्वास्थ्य व्यवस्था

Rupa Kumari | May 13, 2026 | 10:30 AM IST

Samachar Post रिपोर्टर, गढ़वा: गढ़वा प्रशासन ने स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए नई पहल शुरू की है। एसडीएम संजय कुमार की पहल ‘कॉफी विद एसडीएम’ के तहत बुधवार को विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। अंतर्राष्ट्रीय नर्सिंग दिवस के मौके पर होने वाला यह कार्यक्रम स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चर्चा का मंच बनेगा। यह कार्यक्रम सुबह 11 बजे अनुमंडल कार्यालय सभागार में आयोजित होगा। इसमें जिले के विभिन्न अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों और चिकित्सा संस्थानों में कार्यरत नर्सिंग कर्मियों, प्रशिक्षक नर्सों और नर्सिंग क्षेत्र से जुड़े अन्य लोगों को आमंत्रित किया गया है।

नर्सिंग कर्मियों के अनुभव से सुधार की कोशिश

प्रशासन का मानना है कि स्वास्थ्य सेवाओं से सीधे जुड़े नर्सिंग कर्मियों के अनुभव और सुझाव व्यवस्था को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। एसडीएम संजय कुमार ने कहा कि नर्सिंग स्टाफ स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं और मरीजों की देखभाल से लेकर आपातकालीन स्थितियों तक बड़ी जिम्मेदारी निभाते हैं। उन्होंने कहा कि नर्सों की समस्याओं, कामकाजी परिस्थितियों और अनुभवों को समझना जरूरी है, ताकि स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाया जा सके। यह सिर्फ औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि जमीनी स्तर की समस्याओं और सुझावों को समझने की गंभीर पहल है।

यह भी पढ़ें: झारखंड में 18 मई तक मौसम रहेगा खराब, कई जिलों में बारिश-आंधी और वज्रपात का अलर्ट

स्वास्थ्य कर्मियों और प्रशासन के बीच बढ़ेगा संवाद

हाल के दिनों में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कई जगह डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों पर लापरवाही के आरोप लगे हैं। वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य कर्मी भी काम के दबाव, संसाधनों की कमी और मानसिक तनाव जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे माहौल में ‘कॉफी विद एसडीएम’ कार्यक्रम को प्रशासन और स्वास्थ्य कर्मियों के बीच संवाद बढ़ाने की अहम पहल माना जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि इससे आपसी भरोसा मजबूत होगा और समस्याओं के समाधान का रास्ता निकलेगा।

ड्यूटी प्रभावित न हो, इसका भी रखा गया ध्यान

एसडीएम संजय कुमार ने स्पष्ट किया है कि कार्यक्रम में वही नर्सिंग कर्मी शामिल हों जो उस समय ड्यूटी पर नहीं हों, ताकि अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवाओं पर किसी तरह का असर न पड़े। उन्होंने सभी इच्छुक नर्सिंग कर्मियों से समय पर पहुंचकर कार्यक्रम में हिस्सा लेने और खुलकर अपनी बात रखने की अपील की है।

Share this news

संबंधित खबरें