रिम्स जमीन घोटाला : ACB ने कोर्ट में दाखिल किया जवाब, 14 मई की सुनवाई अहम

Rupa Kumari | May 12, 2026 | 04:29 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची: रांची के चर्चित रिम्स जमीन घोटाला मामले में कानूनी गतिविधियां तेज हो गई हैं। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर अदालत में अपना जवाब दाखिल कर दिया है। अब इस केस की अगली महत्वपूर्ण सुनवाई 14 मई को होगी। जानकारी के अनुसार, मामले में गिरफ्तार आरोपी राजेश झा और चेतन बड़ाईक ने नियमित जमानत के लिए अदालत में याचिका दायर की है। वहीं, इसी मामले में सुमित्रा कुमारी बड़ाईक की अग्रिम जमानत याचिका पर भी ACB ने अपना पक्ष कोर्ट के सामने रखा है। अदालत अब इन सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करेगी।

क्या है रिम्स जमीन घोटाला?

यह मामला रांची स्थित रिम्स की अधिग्रहित जमीन से जुड़ा है। आरोप है कि फर्जी वंशावली और दस्तावेज तैयार कर सरकारी जमीन को निजी संपत्ति के रूप में दिखाया गया। इसके बाद जमीन की खरीद-बिक्री की गई और वहां अपार्टमेंट, दुकानें समेत कई निर्माण कर दिए गए। मामले ने तब तूल पकड़ा जब हाईकोर्ट ने हस्तक्षेप करते हुए पूरे प्रकरण की जांच ACB को सौंप दी।

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फर्जीवाड़े के बड़े नेटवर्क की आशंका

जांच एजेंसी का दावा है कि यह सिर्फ जमीन कब्जाने का मामला नहीं, बल्कि दस्तावेजी फर्जीवाड़े और मिलीभगत का बड़ा नेटवर्क हो सकता है। ACB अब तक इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच का दायरा सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों तक भी पहुंच चुका है। एजेंसी विभिन्न दस्तावेजों और रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।

14 मई की सुनवाई पर टिकी नजर

अब सभी की नजर 14 मई को होने वाली सुनवाई पर है। कोर्ट यह तय करेगी कि गिरफ्तार आरोपियों को जमानत मिलती है या नहीं। माना जा रहा है कि इस सुनवाई का असर मामले में अन्य आरोपियों की कानूनी रणनीति पर भी पड़ सकता है।

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