Samachar Post डेस्क, रांची: कोलकाता सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी और निजी सहायक माने जाने वाले चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है। मामले की जांच कर रही पुलिस ने तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। चंद्रनाथ रथ भले ही सार्वजनिक रूप से ज्यादा चर्चाओं में नहीं रहते थे, लेकिन राजनीतिक गलियारों में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती थी। शांत स्वभाव और लो-प्रोफाइल अंदाज में काम करने वाले चंद्रनाथ को सुवेंदु अधिकारी का बेहद भरोसेमंद सहयोगी माना जाता था।
एयरफोर्स से राजनीति तक का सफर
चंद्रनाथ रथ का करियर काफी अलग रहा। राजनीति में आने से पहले वह भारतीय वायुसेना में अधिकारी के पद पर कार्यरत थे। लंबे समय तक सेवा देने के बाद उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ली। इसके बाद उन्होंने कुछ समय कॉर्पोरेट सेक्टर में भी काम किया, लेकिन बाद में राजनीति की ओर रुख कर लिया। राजनीति में आने के बाद उन्होंने संगठनात्मक कार्यों में अपनी अलग पहचान बनाई और पर्दे के पीछे रहकर रणनीतिक जिम्मेदारियां संभालते रहे।
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सुवेंदु अधिकारी के पुराने सहयोगी थे चंद्रनाथ
चंद्रनाथ रथ का संबंध सुवेंदु अधिकारी से काफी पुराना बताया जाता है। जब सुवेंदु अधिकारी तृणमूल कांग्रेस में थे, उसी समय से चंद्रनाथ उनके साथ जुड़े हुए थे। साल 2019 में वह आधिकारिक रूप से सुवेंदु अधिकारी की टीम का हिस्सा बने। उस दौरान सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री थे और राज्य की राजनीति में उनका प्रभाव लगातार बढ़ रहा था। चंद्रनाथ को उनके भरोसेमंद रणनीतिक सहयोगियों में गिना जाता था।
चुनावी रणनीति में निभाई थी अहम भूमिका
चंद्रनाथ रथ सिर्फ निजी सहयोगी नहीं थे, बल्कि चुनावी रणनीतियों में भी सक्रिय भूमिका निभाते थे। भवानीपुर विधानसभा चुनाव अभियान के दौरान उन्होंने संगठन और चुनावी प्रबंधन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई थीं। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, चंद्रनाथ ऐसे व्यक्ति थे जो बिना सुर्खियों में आए संगठनात्मक कार्यों को मजबूती से संभालते थे और पर्दे के पीछे रहकर रणनीति बनाने में माहिर माने जाते थे।
परिवार का भी रहा राजनीतिक संबंध
चंद्रनाथ रथ का परिवार भी राजनीति से जुड़ा रहा है। उनकी मां हाशी रथ पूर्व मेदिनीपुर क्षेत्र में स्थानीय पंचायत निकाय में पद संभाल चुकी थीं और पहले तृणमूल कांग्रेस से जुड़ी थीं। बाद में जब सुवेंदु अधिकारी ने भाजपा का दामन थामा, तब चंद्रनाथ का परिवार भी भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह संबंध केवल राजनीति तक सीमित नहीं था, बल्कि आपसी भरोसे और लंबे सहयोग पर आधारित था।
Reporter | Samachar Post
मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।