Samachar Post रिपोर्टर, बोकारो: बोकारो जिले में एक वायरल वीडियो ने पुलिस महकमे की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए एसपी नाथू सिंह मीणा ने चिराचास थाना के तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। 5 मई को सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें चिराचास थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए गए। वीडियो का संज्ञान लेते हुए एसपी ने तत्काल जांच के आदेश दिए और चास के एसडीपीओ को रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया। जांच में सामने आया कि 4 मई की शाम करीब 7:30 बजे वीणा रीजेंसी के सामने हर्ष पांडेय और उनके साथियों ने आरिफ अंसारी के साथ मारपीट की थी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल आरिफ को पाया।
पुलिस की संवेदनहीनता आई सामने
जांच रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने घायल को तुरंत अस्पताल पहुंचाने के बजाय थाना ले जाकर हाजत में डाल दिया। यह गंभीर लापरवाही मानी गई। इसके अलावा, वायरल वीडियो में सहायक अवर निरीक्षक संजय कुमार मंडल थाना परिसर में अनुचित वर्दी में नजर आए, जिससे अनुशासनहीनता भी उजागर हुई।
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किन-किन पर गिरी गाज?
लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोप सही पाए जाने के बाद निम्न पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया, थाना प्रभारी पुष्पराज कुमार, अवर निरीक्षक राजेश कुमार, सहायक अवर निरीक्षक संजय कुमार मंडल तीनों को निलंबन अवधि के दौरान जीवन-यापन भत्ता पर रखा गया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। वहीं, यह मामला पुलिस की जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और कार्यप्रणाली को लेकर एक नई बहस छेड़ रहा है।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।