Samachar Post डेस्क, रांची :जगद्दल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रस्तावित रैली से एक दिन पहले रविवार रात भारी हिंसा भड़क उठी। तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी के समर्थकों के बीच शुरू हुई मामूली कहासुनी देखते ही देखते बमबाजी, फायरिंग और मारपीट में बदल गई, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। घटना की शुरुआत उस समय हुई जब बीजेपी उम्मीदवार राजेश कुमार एक मामले की कॉपी लेने पुलिस स्टेशन पहुंचे थे। उसी दौरान टीएमसी पार्षद मनोज पांडे अपने समर्थकों के साथ वहां मौजूद थे। बीजेपी नेता अर्जुन सिंह के पहुंचने के बाद विवाद बढ़ गया और झड़प का दायरा घोषपारा रोड तक फैल गया।
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बमबाजी और फायरिंग, CISF जवान घायल
हिंसा के दौरान देसी बमों का इस्तेमाल किया गया और फायरिंग की घटनाएं भी सामने आईं। इस दौरान CISF का एक जवान गोली लगने से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए भटपाड़ा स्टेट जनरल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बीजेपी ने आरोप लगाया कि टीएमसी कार्यकर्ताओं ने चुनावी सामग्री नष्ट की और उनके समर्थकों पर हमला किया। वहीं टीएमसी उम्मीदवार अमित गुप्ता ने इन आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि उनके कार्यकर्ताओं पर हमला किया गया और पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ की गई। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इलाके में लगातार छापेमारी की जा रही है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
चुनाव आयोग सख्त, सुरक्षा बढ़ाई गई
चुनाव आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुए डीजीपी से रिपोर्ट मांगी है। प्रधानमंत्री की रैली को देखते हुए इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से पहले हुई इस हिंसा ने राजनीतिक माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है। प्रशासन हालात पर कड़ी नजर बनाए हुए है।





















