Samachar Post डेस्क,पटना :पटना से बड़ी खबर सामने आई है, जहां राज्य सरकार की मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना अब जमीनी स्तर पर असर दिखाने लगी है। सरकार ने योजना के तहत बेहतर प्रदर्शन करने वाली महिलाओं को दूसरी किस्त के रूप में ₹20,000 देने का फैसला किया है।
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पहली किस्त का सही उपयोग जरूरी
सरकार ने स्पष्ट किया है कि दूसरी किस्त उन्हीं महिलाओं को मिलेगी, जिन्होंने पहले दी गई ₹10,000 की राशि से अपना रोजगार शुरू किया है और उसे सफलतापूर्वक चला रही हैं। हालिया सर्वे के अनुसार, करीब 70% महिलाओं ने इस राशि का उपयोग कर स्वरोजगार शुरू कर दिया है।
40 लाख महिलाओं का सर्वे
राज्य सरकार की सहयोगी संस्था JEEViKA (जीविका) ने अब तक लगभग 40 लाख महिलाओं का सर्वे किया है। इस सर्वे में यह आकलन किया गया कि महिलाओं ने आर्थिक सहायता का उपयोग किस तरह किया और इससे उनकी आय में कितना सुधार हुआ।
किस्तों में मिलती है सहायत
इस योजना के तहत महिलाओं को चरणबद्ध तरीके से आर्थिक मदद दी जाती है:
पहली किस्त: ₹10,000 (जारी)
दूसरी किस्त: ₹20,000
तीसरी किस्त: ₹40,000
चौथी किस्त: ₹80,000
अंतिम सहायता: ₹60,000 (बिना योगदान)
विशेष परिस्थितियों में ₹2 लाख तक की एकमुश्त सहायता का भी प्रावधान है।
छोटे व्यवसायों की ओर बढ़ीं महिलाएं
सर्वे में सामने आया है कि बड़ी संख्या में महिलाएं पशुपालन (गाय, बकरी, मुर्गी), किराना दुकान, फल-सब्जी व्यवसाय, सिलाई-कढ़ाई, चाय-नाश्ता स्टॉल और ब्यूटी पार्लर जैसे छोटे व्यवसाय शुरू कर रही हैं। यह योजना महिलाओं को सिर्फ आर्थिक मदद नहीं देती, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी प्रदान करती है। सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक महिलाएं स्वरोजगार से जुड़ें और परिवार की आय में योगदान दें।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से बिहार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। महिलाओं की बढ़ती भागीदारी सामाजिक और आर्थिक विकास दोनों में अहम भूमिका निभा रही है।
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