जय श्रीराम के जयघोष से गूंजा पाकुड़, शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ भव्य रामनवमी महोत्सव

Meenu | March 28, 2026 | 11:30 AM IST

Samachar Post रिपोर्टर,पाकुड़ :राम नवमी के अवसर पर पूरे जिले में भक्ति, आस्था और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। नगर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक “जय श्रीराम” के जयघोष गूंजते रहे। मंदिरों में पूजा-अर्चना और हवन के साथ दोपहर बाद निकली भव्य शोभायात्राओं ने पूरे जिले को राममय बना दिया।

यह भी पढ़ें :रामनवमी जुलूस में हिंसा: हजारीबाग में मुखिया के भाई की हत्या

अखाड़ा और झांकियों ने बढ़ाया आकर्षण

पाकुड़ नगर में श्री श्री 1008 हनुमान मंदिर से निकला मुख्य अखाड़ा जुलूस आकर्षण का केंद्र रहा। शहर की पांच प्रमुख अखाड़ा समितियों ने इसमें भाग लिया। पारंपरिक शस्त्र प्रदर्शन, युवाओं के करतब और गाजे-बाजे के साथ निकली शोभायात्रा ने लोगों का मन मोह लिया। जुलूस में भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान की भव्य झांकियां सजाई गईं। शिव तांडव और मां काली की प्रस्तुतियों ने माहौल को और भी भक्तिमय बना दिया। जुलूस के दौरान जगह-जगह समाजसेवियों द्वारा शरबत, पानी और फल के स्टॉल लगाए गए। भीषण गर्मी में ये सेवा शिविर श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत साबित हुए। लोगों ने सेवा भाव से इस आयोजन को और खास बना दिया। महेशपुर, अमड़ापाड़ा, लिट्टीपाड़ा, हिरणपुर और पाकुड़िया में भी रामनवमी पूरे जोश और उल्लास के साथ मनाई गई। अमड़ापाड़ा में बजरंगबली मंदिर से निकली शोभायात्रा में देवघर की झांकियां और बंगाल के कलाकारों का भांगड़ा विशेष आकर्षण रहा। वहीं महेशपुर में बूढ़ा बाबा महेश्वर नाथ शिव मंदिर से निकले जुलूस में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। महेशपुर में एक खूबसूरत नजारा देखने को मिला, जहां मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अंबेडकर चौक पर रामभक्तों का स्वागत किया। पानी और शरबत पिलाकर उन्होंने सामाजिक सौहार्द और भाईचारे का संदेश दिया, जिसकी हर ओर सराहना हो रही है।

प्रशासन रहा पूरी तरह मुस्तैद

पूरे आयोजन के दौरान जिला प्रशासन अलर्ट मोड में रहा। उपायुक्त मनीष कुमार और पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी खुद सड़कों पर उतरकर व्यवस्थाओं का जायजा लेते नजर आए। संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च किया गया और हर जुलूस मार्ग पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। साथ ही अखाड़ों में भाग लेने वाली महिलाओं को सम्मानित कर महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया गया।

अनुशासन और समन्वय से सफल आयोजन

भीषण गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। प्रशासन और अखाड़ा समितियों के बेहतर तालमेल से पूरा आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ। पाकुड़ की इस बार की रामनवमी सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि आस्था, उत्साह और सामाजिक एकता का प्रतीक बन गई।

Share this news

संबंधित खबरें