Samachar Post डेस्क, रांची :मिडिल ईस्ट में बढ़ते विवाद और भारत पर इसके प्रभाव को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम चुनाव वाले राज्यों को छोड़कर अन्य सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अहम बैठक करेंगे। खाड़ी क्षेत्रों में संघर्ष शुरू होने के बाद यह पीएम मोदी की मुख्यमंत्रियों के साथ पहली बैठक होगी। तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, केरल और पुडुचेरी जैसे चुनाव वाले राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ अलग बैठकें होंगी। बैठक में राज्यों की संकट प्रबंधन तैयारियों और योजनाओं की समीक्षा की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य ‘टीम इंडिया’ की भावना के तहत केंद्र और राज्यों के प्रयासों में तालमेल सुनिश्चित करना है। सोमवार को लोकसभा सांसदों को जानकारी दी। मंगलवार को राज्यसभा को संबोधित किया। बुधवार को सर्वदलीय बैठक में वरिष्ठ मंत्रियों ने विपक्ष के सवालों के जवाब दिए। तेल और गैस की आपूर्ति पर राज्यों की भूमिका महत्वपूर्ण है, इसलिए पीएम मोदी अब मुख्यमंत्रियों के साथ चर्चा कर स्थिति का जायजा लेंगे।
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संकट और सावधानियां की अपील
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ईरान संघर्ष से उत्पन्न संकट लंबा खिंच सकता है। कोरोना जैसी कठिन परिस्थितियों के दौरान देश ने जो संयम दिखाया, वही इस संकट में भी जरूरी है। कुछ तत्व इस स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं, इसलिए राज्यों को सख्त कदम उठाने होंगे। सरकार ने नागरिकों को आश्वस्त किया है कि पश्चिम एशिया के तनाव के बावजूद तत्काल कोई खतरा नहीं है। देश में 60 दिनों का ईंधन भंडार उपलब्ध है और ईंधन की कमी की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की।
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