Samachar Post रिपोर्टर,पूर्वी सिंहभूम :बहरागोड़ा के स्वर्णरेखा नदी तट पर मिले 227 किलोग्राम वजनी संदिग्ध बम की जांच के लिए सेना की विशेष टीम पहुंची। शुरुआती जांच में इसे द्वितीय विश्व युद्ध के समय का अमेरिकी ‘जिंदा बम’ माना जा रहा है, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है। रांची से पहुंची सेना की टीम ने कैप्टन आयुष कुमार के नेतृत्व में बम की वैज्ञानिक जांच की। जांच के दौरान विस्फोटक क्षमता का आकलन किया गया और आसपास के इलाकों की सुरक्षा स्थिति को परखा गया। सेना ने ड्रोन कैमरों की मदद से आसपास के रिहायशी क्षेत्रों की दूरी, भौगोलिक स्थिति और संभावित खतरे का आकलन किया। इसके साथ ही पूरे इलाके और गांवों का विस्तृत सर्वे भी किया गया।
यह भी पढ़ें :रांची में बिजली ग्रिड से बड़ी चोरी, ट्रांसफार्मर से 1000 किलो कॉपर कॉइल गायब
‘जिंदा बम’ होने की आशंका
प्रारंभिक जांच के अनुसार यह बम सक्रिय (अनएक्सप्लोडेड) हो सकता है। सेना की टीम अपनी विस्तृत रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपेगी, जिसके बाद ही इसे डिफ्यूज (निष्क्रिय) करने का फैसला लिया जाएगा। स्थानीय लोगों की सूचना के बाद प्रशासन ने जेसीबी से खुदाई कराई, जिसमें एक और बड़ा खोखा (शेल) बरामद हुआ। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इसे आबादी से दूर नदी किनारे सुरक्षित स्थान पर रख दिया गया है।
8 दिन पहले ग्रामीणों ने देखा था बम
करीब एक सप्ताह पहले पानीपड़ा-नागुड़साई क्षेत्र में ग्रामीणों ने मिट्टी में दबे सिलेंडरनुमा इस बम को देखा था। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और मामला सामने आया। हैरानी की बात यह है कि प्रशासन की सख्त चेतावनी के बावजूद कुछ ग्रामीण बम के पास जाकर फोटो और सेल्फी लेते नजर आए। अधिकारियों ने इसे बेहद खतरनाक बताते हुए लोगों से दूरी बनाए रखने की अपील की है।
Reporter | Samachar Post