मानकों पर खरे नहीं उतरे तो नहीं मिलेगी मान्यता, नर्सिंग कॉलेजों पर सख्ती

Rupa Kumari | March 17, 2026 | 01:17 PM IST
  • मान्यता प्रक्रिया को सख्त करने का निर्देश, अपर मुख्य सचिव ने की बैठक, 61 संस्थानों के आवेदन पर हुई समीक्षा

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड में नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने साफ कहा है कि नियमों का पालन नहीं करने वाले नर्सिंग कॉलेजों को मान्यता नहीं दी जाएगी और जरूरत पड़ने पर उन्हें निलंबित भी किया जा सकता है।

61 संस्थानों के आवेदनों की समीक्षा

सोमवार को आयोजित निष्पादन समिति की बैठक में राज्य के 61 नर्सिंग कॉलेजों के अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) आवेदनों की समीक्षा की गई। बैठक में संबंधित अधिकारियों ने संस्थानों की स्थिति, दस्तावेज और सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की। निर्देश दिया गया कि 15 दिनों के भीतर परिषद की बैठक कर योग्य संस्थानों को NOC देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए।

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जमीन और भवन की होगी जांच

अपर मुख्य सचिव ने कॉलेजों की आधारभूत सुविधाओं पर खास जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि संस्थान अपनी जमीन पर चल रहे हैं या लीज पर, कितनी जमीन उपलब्ध है और भवन में पर्याप्त कमरे हैं या नहीं। ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन की रसीद और शहरी इलाकों में होल्डिंग टैक्स की स्थिति की भी जांच के निर्देश दिए गए हैं।

किराये पर चल रहे कॉलेजों पर सख्ती

जो कॉलेज अभी तक स्थायी भवन तैयार नहीं कर पाए हैं, उन पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए हैं। लीज या किराये पर चल रहे संस्थानों की स्थिति और नवीनीकरण की भी समीक्षा होगी।

नियम उल्लंघन पर जुर्माना और निलंबन की चेतावनी

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि विभाग ने विभिन्न प्रकार की कमियों के आधार पर जुर्माने की राशि तय की है। पहली बार उल्लंघन पर 25 हजार रुपये, दूसरी बार 50 हजार रुपये और तीसरी बार एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके बाद भी स्थिति में सुधार नहीं होने पर संस्थान को निलंबित किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई कॉलेज लगातार तीन वर्षों से प्रवेश ले रहा है, लेकिन निर्धारित मानकों का पालन नहीं कर रहा है, तो उसे कारण बताओ नोटिस जारी कर फिलहाल प्रवेश प्रक्रिया रोकने पर विचार किया जाएगा।

निरीक्षण प्रक्रिया होगी कड़ी

किसी भी कॉलेज को NOC देने से पहले अनिवार्य निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण टीम में सिविल सर्जन, रजिस्ट्रार, कार्यपालक अभियंता और अतिरिक्त समाहर्ता शामिल होंगे। निरीक्षण की तस्वीरें ऑनलाइन अपलोड करना भी जरूरी होगा।

पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन

अब NOC की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी और ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। सभी कॉलेजों को फैकल्टी की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध करानी होगी, बायोमेट्रिक उपस्थिति लागू करनी होगी और परिसर में CCTV कैमरे लगाना अनिवार्य होगा। स्वास्थ्य विभाग की इस सख्ती से साफ है कि अब नर्सिंग शिक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मानकों पर खरा उतरने वाले संस्थानों को ही आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।

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