Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड विधानसभा परिसर के बाहर उस समय अचानक हलचल बढ़ गई, जब झरिया की विधायक रागिनी सिंह असर्फी अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ धरने पर बैठ गईं। रागिनी सिंह ने आरोप लगाया कि असर्फी अस्पताल प्रबंधन शव सौंपने के लिए भी परिजनों से पैसे वसूल रहा है। उन्होंने इसे अमानवीय बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की।
स्वास्थ्य मंत्री पर भी निशाना
धरने के दौरान उन्होंने झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी पर भी हमला बोला। उनका कहना था कि मंत्री केवल आश्वासन देते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता। उन्होंने मांग की कि या तो मंत्री अपने बयान पर स्पष्टता दें या फिर अस्पताल द्वारा लिए गए पैसे वापस कराए जाएं।
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विधानसभा अध्यक्ष का हस्तक्षेप
मामले की जानकारी जब विधानसभा अध्यक्ष तक पहुंची, तो उन्होंने तुरंत हस्तक्षेप किया। अध्यक्ष के निर्देश पर लुईस मरांडी और पूर्णिमा दास को मौके पर भेजा गया, जिन्होंने रागिनी सिंह से बातचीत कर स्थिति को संभाला।
बातचीत के बाद खत्म हुआ धरना
अधिकारियों और नेताओं से बातचीत के बाद रागिनी सिंह धरना समाप्त करने पर सहमत हो गईं और वहां से चली गईं। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि यदि इस मामले में कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आगे भी आवाज उठाती रहेंगी। अस्पताल प्रबंधन पर लगे इस गंभीर आरोप ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि सरकार इस मामले में क्या कार्रवाई करती है और पीड़ित परिवारों को राहत मिलती है या नहीं।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।