Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड में 108 एम्बुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारियों के आंदोलन के बाद श्रम विभाग और संगठन के बीच हुई वार्ता सफल रही। कर्मचारियों ने 13 मार्च 2026 को श्रम भवन डोरंडा के सामने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया था। इसके बाद श्रम विभाग के अधिकारियों और झारखंड प्रदेश एम्बुलेंस कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों के बीच विस्तृत बातचीत हुई।
कर्मचारियों की समस्याओं पर हुई चर्चा
वार्ता के दौरान संघ की ओर से कर्मचारियों की कई समस्याओं को उठाया गया। इनमें मनमानी वेतन कटौती, शोषण, भ्रष्टाचार और अन्य अनियमितताओं के मुद्दे शामिल थे। संगठन ने इन मामलों से जुड़े तथ्य और प्रमाण अधिकारियों के सामने रखे।
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7–15 दिनों में कार्रवाई का आश्वासन
श्रम विभाग के अधिकारियों ने मांगों को गंभीरता से लेते हुए 7 से 15 दिनों के भीतर आवश्यक कार्रवाई करने का भरोसा दिया। इस दौरान प्रदीप रोबर्ट लकड़ा, निदेशक (न्यूनतम मजदूरी) सह संयुक्त श्रमायुक्त और अपर निबंधक श्रमिक संघ, ने श्रम अधीक्षक को मामले की तत्काल जांच करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यदि संबंधित कंपनी सुधारात्मक कदम नहीं उठाती है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ग्रेच्युटी भुगतान पर भी कार्रवाई
बैठक में यह भी तय हुआ कि जिन कर्मचारियों ने 5 वर्ष की सेवा पूरी कर ली है और उन्हें पूर्व कंपनी ज़िकित्ज़ा हेल्थ केयर लिमिटेड द्वारा ग्रेच्युटी का भुगतान नहीं किया गया है, उनसे फॉर्म ‘N’ भरवाकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
15 दिनों की समय सीमा, फिर आंदोलन की चेतावनी
वार्ता के बाद संघ के प्रदेश अध्यक्ष नीरज तिवारी ने धरना स्थल पर मौजूद कर्मचारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि संगठन श्रम विभाग को 15 दिनों का समय देता है। यदि इस अवधि में कार्रवाई शुरू नहीं होती है तो संगठन दोबारा बड़ा आंदोलन करेगा और जरूरत पड़ने पर एम्बुलेंस सेवा बाधित करने के लिए भी बाध्य होगा। हालांकि उन्होंने कर्मचारियों से अपील की कि फिलहाल वे अपने-अपने जिलों में लौटकर आपातकालीन 108 एम्बुलेंस सेवा को पूर्ववत जारी रखें।
वार्ता में मौजूद अधिकारी और पदाधिकारी
श्रम विभाग की ओर से वार्ता में उदय कुमार और एतवारी महतो समेत कई अधिकारी उपस्थित थे। वहीं संगठन की ओर से सुबोध कुमार यादव, मुकेश कुमार, दिनेश कुमार और अन्य पदाधिकारी शामिल हुए। संगठन ने आंदोलन को सफल बनाने में सहयोग देने के लिए मीडिया, राज्य सरकार, पुलिस प्रशासन और भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारियों सहित सभी समर्थकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।