- फार्मेसी कॉलेज के प्रिंसिपल रहते हुए दवा दुकान में काम करने और नियमों की अनदेखी का आरोप
Samachar Post रिपोर्टर, रांची: झारखंड फार्मेसी काउंसिल के सदस्य विनय कुमार महतो पर नियमों के उल्लंघन और पद के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें पद से बर्खास्त करने की मांग की गई है। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव को एक शिकायत पत्र सौंपा गया है, जिसमें पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है।
प्रिंसिपल रहते हुए दवा दुकान में काम करने का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विनय कुमार महतो रामगढ़ स्थित टीआईएलए फार्मेसी कॉलेज में प्रिंसिपल के पद पर कार्यरत हैं। इसके साथ ही वे गिरिडीह जिले के डुमरी स्थित ‘गुनगुन मेडिकल’ नामक दवा दुकान में फार्मासिस्ट के रूप में भी काम कर रहे हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि एक ही व्यक्ति का दोनों स्थानों पर एक साथ कार्य करना संभव नहीं है, क्योंकि दोनों जगहों के बीच आने-जाने में करीब सात घंटे का समय लगता है।
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बी.फार्म के लिए एनओसी लेने में अनियमितता का आरोप
शिकायत पत्र में यह भी कहा गया है कि विनय कुमार महतो ने बी.फार्म कोर्स के लिए स्वास्थ्य विभाग से एनओसी प्राप्त कर ली है, जबकि संस्थान में आवश्यक मानकों की कमी बताई गई है। आरोप है कि संस्थान में बी.फार्म के लिए जरूरी संसाधन और उपकरण पर्याप्त नहीं हैं, इसके बावजूद रिपोर्ट में सभी मानकों को पूरा बताया गया।
निष्पक्ष जांच की मांग
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि संबंधित अधिकारियों से सांठगांठ कर कई तथ्यों को छिपाया गया है। ऐसे में मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करने और विनय कुमार महतो को झारखंड फार्मेसी काउंसिल के सदस्य पद से बर्खास्त करने की मांग की गई है। शिकायत पत्र की प्रतिलिपि स्वास्थ्य मंत्री, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव, झारखंड फार्मेसी काउंसिल तथा फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया को भी भेजी गई है।