- जेट फ्यूल की कीमत बढ़ने के बाद घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के किराए में चरणबद्ध बढ़ोतरी, टिकट 399 रुपये तक महंगे
Samachar Post डेस्क, रांची :मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब आम लोगों की जेब पर पड़ने लगा है। एलपीजी सिलेंडर की कीमतों के बाद अब हवाई यात्रा भी महंगी होने जा रही है। जेट ईंधन की कीमतों में तेजी आने के बाद एयर इंडिया ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने का फैसला किया है। एयर इंडिया ने मंगलवार को घोषणा की कि यह बढ़ोतरी चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी। फिलहाल फ्यूल सरचार्ज को फेज-1 और फेज-2 के तहत लागू किया जा रहा है। कंपनी के अनुसार इस फैसले के बाद भारत के घरेलू रूट्स और सार्क देशों के लिए फ्लाइट टिकट करीब 399 रुपये तक महंगे हो सकते हैं। वहीं पश्चिम एशिया, दक्षिण-पूर्व एशिया और अफ्रीका जाने वाली उड़ानों के लिए फ्यूल सरचार्ज में 10 डॉलर, 20 डॉलर और 30 डॉलर तक की बढ़ोतरी की गई है।
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जेट फ्यूल महंगा होने से बढ़ा खर्च
एयरलाइन का कहना है कि मार्च 2026 की शुरुआत से एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में अचानक तेज उछाल आया है। इससे एयरलाइंस के संचालन खर्च में काफी बढ़ोतरी हुई है, जिसके चलते किराए में यह बदलाव करना पड़ा। मिडिल ईस्ट में ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में भी अस्थिरता देखने को मिल रही है। इसका असर भारत समेत कई देशों में ईंधन की कीमतों पर पड़ रहा है।
एयर इंडिया एक्सप्रेस ने नहीं बढ़ाया सरचार्ज
हालांकि टाटा समूह की कम लागत वाली एयरलाइन एयरलाइन ने फिलहाल अपनी उड़ानों पर किसी तरह का फ्यूल सरचार्ज लागू नहीं करने का फैसला किया है। गौरतलब है कि भारत अपनी प्राकृतिक गैस की करीब 50 प्रतिशत जरूरत आयात के जरिए पूरी करता है, जिसमें लगभग 20 प्रतिशत आपूर्ति कतर से होती है। ऐसे में मिडिल ईस्ट में किसी भी तरह का तनाव सीधे तौर पर भारत की ऊर्जा कीमतों और महंगाई को प्रभावित करता है।
Reporter | Samachar Post