Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के 10वें दिन मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान एक सवाल को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच हल्की तकरार देखने को मिली। मामला मैक्लुस्कीगंज को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने और इलाके में चल रहे ईंट-भट्ठों व क्रेशर से हो रहे प्रदूषण से जुड़ा था। इस मुद्दे पर सदन में कुछ देर के लिए माहौल गरमा गया और यह बहस छिड़ गई कि आखिर इस सवाल का जवाब किस विभाग को देना चाहिए।
विधायक प्रकाश राम ने उठाया मुद्दा
प्रश्नकाल के दौरान विधायक प्रकाश राम ने मैक्लुस्कीगंज के विकास का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि मैक्लुस्कीगंज एक ऐतिहासिक और खूबसूरत स्थान है, जिसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की काफी संभावनाएं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इलाके में चल रहे ईंट-भट्ठों और क्रेशर के कारण प्रदूषण बढ़ रहा है, जिससे पर्यावरण और स्थानीय लोगों पर असर पड़ रहा है। ऐसे में सरकार को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।
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मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने दिया जवाब
सवाल का जवाब देते हुए खान विभाग के मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि मैक्लुस्कीगंज को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का विषय उनके विभाग के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मामला पर्यटन या अन्य संबंधित विभागों से जुड़ा है। खान विभाग केवल क्रेशर और ईंट-भट्ठों से जुड़े मामलों पर ही जानकारी दे सकता है। मंत्री के इस बयान के बाद सदन में थोड़ी बहस शुरू हो गई।
विपक्ष ने सचिवालय की भूमिका पर उठाया सवाल
मंत्री के जवाब पर विधायक प्रदीप यादव ने कहा कि यदि सवाल किसी दूसरे विभाग से जुड़ा है तो उसे सही विभाग तक पहुंचाने की जिम्मेदारी विधानसभा सचिवालय की होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सदस्यों के सवालों का स्पष्ट और संतोषजनक जवाब मिलना जरूरी है, इसलिए सवालों को सही विभाग तक भेजा जाना चाहिए।
बाबूलाल मरांडी ने दी नसीहत
इसी दौरान नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मंत्रियों को सदन में आने से पहले पूछे जाने वाले सवालों को लेकर पूरी तैयारी करके आना चाहिए, ताकि सदस्यों को स्पष्ट जवाब मिल सके।
सरकार की ओर से राधाकृष्ण किशोर का जवाब
सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि सभी मंत्री अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि इस सवाल को पर्यटन विभाग को भेज दिया जाए, ताकि संबंधित विभाग इस पर विस्तृत जवाब दे सके। कुछ देर चली चर्चा के बाद सदन का माहौल शांत हुआ और विधानसभा की कार्यवाही फिर सामान्य रूप से आगे बढ़ने लगी।
Reporter | Samachar Post
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