लठमार से याओसांग तक: भारत में होली के 8 अनोखे रंग और परंपराएं

Meenu | March 3, 2026 | 10:22 AM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची :भारत का सबसे रंगीन और लोकप्रिय त्योहार होली इस साल 4 मार्च 2026 (बुधवार) को मनाया जाएगा, जबकि रंगपंचमी 8 मार्च (रविवार) को होगी। देशभर में होली का जश्न अलग-अलग अंदाज में मनाया जाता है। कहीं लाठियां चलती हैं, कहीं फूल बरसते हैं, तो कहीं हल्दी और कीचड़ से खेली जाती है होली। आइए जानते हैं भारत में मनाई जाने वाली होली के 8 खास और अनोखे रूप।

लठमार होली- बरसाना और नंदगांव की परंपरा

उत्तर प्रदेश के बरसाना और नंदगांव में मनाई जाने वाली लठमार होली दुनियाभर में मशहूर है। परंपरा के अनुसार महिलाएं पुरुषों पर लाठी चलाती हैं और पुरुष ढाल से बचाव करते हैं। यह आयोजन राधा-कृष्ण की कथाओं से जुड़ा माना जाता है और इसे देखने हजारों लोग पहुंचते हैं।

फूलों की होली- वृंदावन और मथुरा

यहां रंग और पानी की जगह फूलों की पंखुड़ियों से होली खेली जाती है। मंदिरों में भजन-कीर्तन के बीच जब फूल बरसते हैं, तो माहौल भक्तिमय और बेहद सुंदर हो जाता है। यह होली बच्चों और बुजुर्गों के लिए खास मानी जाती है।

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होला मोहल्ला- पंजाब की शौर्य परंपरा

पंजाब में सिख समुदाय द्वारा मनाया जाने वाला होला मोहल्ला साहस और शक्ति का प्रतीक है। इस दौरान पारंपरिक युद्धकला, घुड़सवारी और मार्शल आर्ट के प्रदर्शन होते हैं। यह केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि वीरता का उत्सव भी है।

कीचड़ की होली- ब्रज क्षेत्र की मस्ती

ब्रज क्षेत्र में कीचड़ की होली भी खेली जाती है। लोग एक-दूसरे पर कीचड़ लगाकर हंसी-मजाक और मस्ती के साथ त्योहार का आनंद लेते हैं। यह परंपरा स्थानीय संस्कृति का हिस्सा है।

मंजल कुली- केरल की हल्दी होली

केरल में मनाई जाने वाली मंजल कुली में लोग एक-दूसरे पर हल्दी मिला पानी डालते हैं। इसे शुद्धता और स्वास्थ्य से जोड़कर देखा जाता है। यह होली अपेक्षाकृत सादगी और साफ-सफाई के साथ मनाई जाती है।

याओसांग- मणिपुर का पांच दिवसीय उत्सव

मणिपुर में होली को याओसांग कहा जाता है और यह पांच दिनों तक चलती है। इस दौरान पारंपरिक नृत्य, लोकगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है। यहां होली केवल रंगों का नहीं, बल्कि संस्कृति और समुदाय का भी उत्सव है।

रंग पंचमी- महाराष्ट्र का समापन पर्व

महाराष्ट्र में रंग पंचमी होली के पांच दिन बाद मनाई जाती है। इस दिन सूखे रंग और पानी के साथ होली खेली जाती है। इसे होली के उत्सव का औपचारिक समापन भी माना जाता है।

धुलेंडी- पूरे भारत की रंगों वाली होली

देशभर में सबसे ज्यादा लोकप्रिय धुलेंडी या रंगों की होली है। इस दिन लोग गुलाल, रंग और पानी के साथ जमकर जश्न मनाते हैं। गले मिलना, मिठाइयां बांटना और खुशियां साझा करना इस दिन की खास पहचान है।

क्यों खास है भारतीय होली?

भारत में होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि विविधता में एकता का प्रतीक है। हर राज्य और हर शहर इसे अपने अंदाज में मनाता है, लेकिन भावना एक ही है प्रेम, भाईचारा और खुशियां बांटना।

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