Samachar Post रिपोर्टर, रांची :डोरंडा थाना में हाल के दिनों में पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच हुए विवाद के बाद झारखंड पुलिस एसोसिएशन खुलकर थाना प्रभारी दीपिका प्रसाद और पुलिस प्रशासन के समर्थन में सामने आया है। एसोसिएशन ने कहा है कि कानून के तहत की गई कार्रवाई को गलत तरीके से पेश कर पुलिस पर अनावश्यक दबाव बनाने की कोशिश हो रही है।
विधिसम्मत कार्रवाई को तोड़ा-मरोड़ा जा रहा
एसोसिएशन का कहना है कि संबंधित मामले में थाना प्रभारी दीपिका प्रसाद और उनकी टीम ने नियमों के तहत कार्रवाई की थी। वायरल वीडियो और शिकायतों के आधार पर बनाई जा रही धारणा को भ्रामक बताते हुए संगठन ने स्पष्ट किया कि पुलिसकर्मी कानून के दायरे में रहकर अपना कर्तव्य निभा रहे थे। संगठन ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों द्वारा पुलिस पदाधिकारियों, विशेषकर महिला अधिकारी, के साथ अभद्र व्यवहार किया गया और दबाव बनाने की कोशिश की गई। इसे पुलिस बल के मनोबल को गिराने वाला कदम बताया गया है। एसोसिएशन का कहना है कि थाना स्तर पर अधिकारी सीमित संसाधनों में भी दिन-रात कानून व्यवस्था संभालते हैं। ऐसे में सार्वजनिक रूप से आरोप लगाना और दबाव बनाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
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तीन दिन काला बिल्ला लगाकर विरोध
घटना के विरोध में रांची शाखा ने तीन दिनों तक काला बिल्ला लगाकर ड्यूटी करने का निर्णय लिया है। यह विरोध पुलिसकर्मियों की गरिमा और सम्मान की रक्षा के लिए प्रतीकात्मक रूप से किया जाएगा। संगठन ने संकेत दिया है कि यदि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोहराई गईं तो चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जा सकता है और मुद्दे को राज्य स्तर पर भी उठाया जाएगा।
निष्पक्ष जांच की मांग
पुलिस एसोसिएशन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है, ताकि तथ्य सामने आ सकें और किसी भी प्रकार की भ्रांति दूर हो सके। उनका कहना है कि पुलिस का उद्देश्य केवल कानून का पालन कराना और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
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