Samachar Post रिपोर्टर, रांची :रांची नगर निगम चुनाव में भाजपा समर्थित रोशनी खलखो की मेयर पद पर जीत के बाद अब सियासी नजरें डिप्टी मेयर की कुर्सी पर टिक गई हैं। पार्टी के भीतर मंथन का दौर शुरू हो चुका है और संकेत मिल रहे हैं कि इस बार भाजपा किसी नए और स्वीकार्य चेहरे पर भरोसा जता सकती है।
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पुराने चेहरों से दूरी, नए विकल्पों पर फोकस
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, डिप्टी मेयर पद के लिए इस बार कई पुराने नेताओं ने नामांकन नहीं किया है। ऐसे में भाजपा नई रणनीति के तहत फ्रेश चेहरे को मौका देने की तैयारी में है। चूंकि मेयर का पद आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित था और उस पर जीत मिल चुकी है, इसलिए डिप्टी मेयर पद पर सामान्य वर्ग के उम्मीदवार को आगे किया जा सकता है। भाजपा के 25 से अधिक पार्षद जीत चुके हैं, जिससे पार्टी की स्थिति मजबूत मानी जा रही है। पार्टी नेतृत्व चाहता है कि मेयर की तरह डिप्टी मेयर भी भाजपा का ही हो, ताकि निगम में तालमेल बेहतर बना रहे। डिप्टी मेयर पद के संभावित दावेदारों में वार्ड 21 से सुनील यादव “मामा”, वार्ड 28 से रश्मि चौधरी, प्रदीप कुमार और सुचिता रानी के नाम प्रमुख रूप से चर्चा में हैं। अगर पार्टी महिला नेतृत्व को प्राथमिकता देती है और मेयर व डिप्टी मेयर दोनों पदों पर महिला चेहरा रखने का निर्णय लेती है, तो रश्मि चौधरी या सुचिता रानी के नाम पर सहमति बन सकती है। भाजपा ऐसे उम्मीदवार की तलाश में है जो पूरे रांची में स्वीकार्य हो, साफ छवि रखता हो और संभव हो तो पहली बार जीतकर आया हो।
अन्य दलों की स्थिति कमजोर
झामुमो के संभावित उम्मीदवार सोमवित मांझी चुनाव हार चुके हैं, जबकि कांग्रेस का प्रदर्शन भी खास नहीं रहा। ऐसे में फिलहाल डिप्टी मेयर पद की दौड़ में भाजपा सबसे मजबूत दावेदार के रूप में उभर रही है। सूत्रों के अनुसार, होली के बाद पार्टी नेतृत्व अंतिम निर्णय ले सकता है।
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