डीजीपी को सेवा विस्तार मिलने पर सियासी बवाल, बाबूलाल मरांडी का हेमंत सरकार पर तीखा हमला

Rupa Kumari | December 31, 2025 | 11:42 AM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड में डीजीपी तदाशा मिश्रा को सेवा विस्तार दिए जाने के फैसले के बाद सियासत तेज हो गई है। सरकार के इस निर्णय ने विपक्ष को बड़ा मुद्दा दे दिया है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर जोरदार हमला करते हुए इसे नियम-कानून और संविधान की अवहेलना करार दिया है।

सोशल मीडिया पर तंज, मुख्यमंत्री को दी ‘बधाई’

बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री को “बधाई” देते हुए तंज कसा। उन्होंने लिखा कि यह फैसला साबित करता है कि मुख्यमंत्री के लिए अब नियम, कानून, संविधान और न्यायपालिका का कोई महत्व नहीं रह गया है। मरांडी ने कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर कभी “जंगल राज” चलाने वालों की सूची बनाई जाएगी, तो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन उसमें सबसे ऊपर होंगे।

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नियमों की अनदेखी का आरोप

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अगर सरकार इसी तरह नियमों की अनदेखी करती रही, तो आने वाले समय में किसी राजनीतिक व्यक्ति को भी डीजीपी बना दिया जाए, इसमें कोई हैरानी नहीं होगी। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि सरकार चाहें तो सुप्रियो भट्टाचार्य को भी डीजीपी नियुक्त कर सकती है, क्योंकि यह सरकार पहले ही साबित कर चुकी है कि उसे संस्थाओं की गरिमा की कोई चिंता नहीं है।

ईश्वर से डरने की दी नसीहत

बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री को चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि भले ही सरकार कानून और संविधान को न माने, लेकिन ईश्वर से जरूर डरना चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान की लाठी में आवाज नहीं होती, लेकिन जब पड़ती है तो बहुत गहरी चोट करती है। ईश्वर सब देख रहा है और समय आने पर सबका हिसाब होगा।

विपक्ष को मिला बड़ा मुद्दा

गौरतलब है कि डीजीपी तदाशा मिश्रा के रिटायरमेंट को लेकर लंबे समय से चर्चाएं चल रही थीं और माना जा रहा था कि सरकार किसी नए अधिकारी को यह जिम्मेदारी सौंपेगी। लेकिन अंतिम समय में उन्हें एक्सटेंशन देने के फैसले ने न केवल सभी अटकलों को गलत साबित किया, बल्कि विपक्ष को सरकार के खिलाफ हमला बोलने का बड़ा मौका भी दे दिया है।

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