Samachar Post रिपोर्टर, रांची :राज्य में होने वाले अंतर्राष्ट्रीय निर्वाचन सम्मेलन की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच रही हैं। इसी कड़ी में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बुधवार को निर्वाचन सदन में शिक्षाविदों और अकादमिक विशेषज्ञों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इसका उद्देश्य आगामी अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला में दिए जाने वाले व्याख्यान को वैश्विक मानकों के अनुरूप अधिक प्रभावी, शोध-आधारित और व्यावहारिक बनाना था।
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मतदाता पंजीकरण और सूची पर देंगे वैश्विक व्याख्यान
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बैठक में कहा कि झारखंड के शैक्षणिक संस्थानों का चुनावी प्रक्रियाओं में योगदान हमेशा सराहनीय रहा है। उन्होंने बताया कि सम्मेलन में वे मतदाता पंजीकरण, मतदाता सूची की गुणवत्ता, अपडेट प्रक्रिया और डेटा की पारदर्शिता जैसे विषयों पर व्याख्यान देंगे। प्रस्तुतीकरण को मजबूत बनाने के लिए शोध-आधारित इनपुट और विशेषज्ञ सुझाव लिए जा रहे हैं, ताकि कार्यशाला अंतर्राष्ट्रीय प्रतिभागियों के लिए अधिक उपयोगी और क्रियान्वयन योग्य बने।
प्रमुख शिक्षण संस्थानों ने दिए अकादमिक सुझाव
बैठक में सेंट जेवियर्स कॉलेज, NUSRL, केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड और एमिटी यूनिवर्सिटी के विषय विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया और प्रस्तुतीकरण को डेटा-समर्थित, तुलनात्मक केस स्टडी और वैश्विक चुनावी मॉडल्स के संदर्भ में बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव साझा किए। विशेषज्ञों ने तकनीकी नवाचार, मतदाता सूची की त्रुटि-निवारण प्रणाली, डिजिटल पंजीकरण मॉडल और नागरिक सहभागिता बढ़ाने पर भी चर्चा की। इस बैठक में मुख्य निर्वाचन कार्यालय के नोडल पदाधिकारी देव दास दत्ता और उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज कुमार ठाकुर समेत विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान व्याख्यान संरचना, शोध संदर्भ, विज़ुअल डेटा प्रस्तुतीकरण और सत्र के प्रभावी संचालन पर विस्तार से चर्चा की गई। निर्वाचन विभाग का मानना है कि अकादमिक सहभागिता से यह सम्मेलन न केवल झारखंड बल्कि भारत की चुनावी व्यवस्थाओं की वैश्विक साख को और मजबूत करेगा।
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