15 अगस्त तक पिछड़ा वर्ग आयोग को ट्रिपल टेस्ट रिपोर्ट सौंपने का निर्देश

Anupam Mishra | August 10, 2025 | 02:05 PM IST
  • नगर विकास विभाग ने लिखा पत्र, मुख्य सचिव ने दिए आदेश; हाईकोर्ट की सख्ती के बाद बढ़ी हलचल

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : प्रस्तावित नगर निकाय चुनाव को समय पर कराने की दिशा में राज्य सरकार ने तैयारी तेज कर दी है। नगर विकास विभाग ने पिछड़ा वर्ग आयोग को पत्र लिखकर 15 अगस्त तक ट्रिपल टेस्ट की फाइनल रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। यह कदम झारखंड हाईकोर्ट के 18 जुलाई के आदेश और मुख्य सचिव अलका तिवारी की अध्यक्षता में 29 जुलाई को हुई बैठक के बाद उठाया गया है।

अपर सचिव ज्ञानेन्द्र कुमार ने आयोग के सचिव को पत्र भेजते हुए कहा है कि निकायवार पिछड़ा वर्ग का आरक्षण प्रतिशत तय करने के लिए डाटा एनालिसिस और रिपोर्ट तैयार कर 15 अगस्त तक विभाग को उपलब्ध कराई जाए। इसके बाद इस रिपोर्ट को राज्य कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

अब भी कई विभागों से नहीं मिली रिपोर्ट, आयोग की मुश्किलें बढ़ीं

नगर विकास विभाग के निर्देश के बाद आयोग ने चयनित एजेंसी को फाइनल रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा है, लेकिन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, वित्त विभाग और जिलों के उपायुक्तों से जरूरी आंकड़े अब तक नहीं मिले हैं।

  • उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग – प्रोफेसरों के पदों पर ओबीसी वर्ग के आंकड़े।
  • जिलों के उपायुक्त – चौकीदारों के पदों पर वर्गवार संख्या, विशेषकर बीसी और ओबीसी का डेटा।
  • वित्त विभाग – हर साल का आर्थिक सर्वेक्षण, लेकिन अभी तक केवल एक साल का डेटा उपलब्ध।

आयोग ने बार-बार रिमाइंडर भेजा, लेकिन संबंधित विभागों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया, जिससे रिपोर्ट में त्रुटि की आशंका है।

यह भी पढ़ें : 28वीं सब जूनियर सेपक टकरा नेशनल चैंपियनशिप नवंबर में रांची में, कोर कमिटी गठित

25 अगस्त को हाईकोर्ट में मुख्य सचिव की होगी पेशी

18 जुलाई को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने चुनाव में देरी पर नाराजगी जताते हुए इसे संवैधानिक तंत्र की विफलता तक करार दिया था। कोर्ट ने मुख्य सचिव को 25 अगस्त को सशरीर उपस्थित होने का आदेश दिया था। इसी कारण 29 जुलाई की बैठक में 15 अगस्त तक रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश जारी हुआ।

संत जेवियर कॉलेज को रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी

पिछड़ा वर्ग आयोग ने फाइनल रिपोर्ट तैयार करने का काम संत जेवियर कॉलेज को सौंपा है। एजेंसी को डोर-टू-डोर सर्वे कराकर रिपोर्ट बनानी है और इसके लिए मध्य प्रदेश के ट्रिपल टेस्ट मॉडल का अध्ययन कर झारखंड के अनुसार विश्लेषण करना होगा। इसी रिपोर्ट के आधार पर सभी शहरी स्थानीय निकायों में पिछड़े वर्गों के आरक्षण का निर्धारण किया जाएगा।

Share this news

संबंधित खबरें