रिम्स में सफल ओपन हार्ट सर्जरी: खराब हार्ट वाल्व बदलकर डॉक्टरों ने 35 वर्षीय महिला को दी नई जिंदगी

Meenu | June 23, 2026 | 10:27 AM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची :रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) के कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) विभाग ने एक जटिल ओपन हार्ट सर्जरी सफलतापूर्वक कर 35 वर्षीय महिला की जान बचाई है। पलामू की रहने वाली महिला लंबे समय से गंभीर हृदय संबंधी समस्याओं से जूझ रही थी। उसका पूरा इलाज आयुष्मान भारत योजना के तहत निशुल्क किया गया।

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कई महीनों से थी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं

जानकारी के अनुसार महिला पिछले कई महीनों से लगातार बुखार, सांस फूलने और दिल की धड़कन तेज होने की समस्या से परेशान थी। हालत बिगड़ने पर उसे रिम्स के मेडिसिन विभाग से सीटीवीएस विभाग में रेफर किया गया। जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि महिला इन्फेक्टिव एंडोकार्डाइटिस नामक गंभीर हृदय रोग से पीड़ित थी। इस संक्रमण ने उसके दिल के माइट्रल वाल्व को गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया था। स्थिति इतनी गंभीर थी कि मरीज को हाई-फ्लो ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखना पड़ा।

कृत्रिम वाल्व लगाकर बचाई जान

महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने तत्काल सर्जरी का निर्णय लिया। आयुष्मान भारत योजना के तहत आवश्यक सर्जिकल सामग्री उपलब्ध कराई गई और सोमवार को सफल ओपन हार्ट सर्जरी की गई। ऑपरेशन के दौरान दिल में मौजूद संक्रमित ऊतकों को हटाया गया और खराब हो चुके माइट्रल वाल्व की जगह कृत्रिम वाल्व प्रत्यारोपित किया गया। सर्जरी के बाद महिला की स्थिति स्थिर है और उसकी सेहत में लगातार सुधार हो रहा है।

विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने निभाई अहम भूमिका

इस जटिल सर्जरी का नेतृत्व सीटीवीएस विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. पंकज बोदरा के मार्गदर्शन में डॉ. राकेश चौधरी ने किया। ऑपरेशन को सफल बनाने में एनेस्थीसिया विभाग, आईसीयू टीम और नर्सिंग स्टाफ की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। रिम्स प्रबंधन के अनुसार मरीज का पूरा इलाज आयुष्मान भारत योजना के तहत निशुल्क किया गया। यह सफलता राज्य के सरकारी स्वास्थ्य तंत्र और रिम्स की उन्नत चिकित्सा सुविधाओं का एक महत्वपूर्ण उदाहरण मानी जा रही है।

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