झारखंड में 8 लाख राशन कार्ड रद्द होने की तैयारी, फर्जी लाभुकों से होगी वसूली

Rupa Kumari | June 23, 2026 | 01:30 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड सरकार ने अपात्र राशन कार्डधारियों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया है। राज्य में सरकारी राशन योजना का गलत लाभ उठा रहे 8 लाख से अधिक लोगों की पहचान की गई है। इन सभी लाभुकों का भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है। जांच में अपात्र पाए जाने वालों के राशन कार्ड रद्द किए जाएंगे और उनसे बाजार मूल्य पर राशन की वसूली के साथ ब्याज एवं कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अनुसार राज्य में कुल 8,02,685 संदिग्ध राशन कार्डधारियों को जांच के दायरे में लाया गया है। इनमें ऐसे लाभुक भी शामिल हैं जिन्होंने पिछले छह महीने से एक वर्ष तक राशन का उठाव नहीं किया है। अब तक 4,61,025 कार्डधारियों का सत्यापन पूरा किया जा चुका है।

अपात्र लाभुकों को भेजा जा रहा नोटिस

विभागीय अधिकारियों के मुताबिक जांच में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित लाभुकों को नोटिस जारी किया जा रहा है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की स्थिति में राशन कार्ड निरस्त कर दिए जाएंगे। साथ ही अब तक प्राप्त किए गए राशन की राशि बाजार दर के अनुसार ब्याज सहित वसूल की जाएगी।

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जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य

प्रारंभिक जांच में 12,284 ऐसे एकल राशन कार्ड मिले हैं जिनमें कार्डधारी की उम्र 100 वर्ष से अधिक या 18 वर्ष से कम दर्ज है। इसके अलावा 21,750 डुप्लीकेट राशन कार्डधारियों का सत्यापन अभी बाकी है। डुप्लीकेट कार्ड के सबसे अधिक मामले पूर्वी सिंहभूम, गिरिडीह और पश्चिमी सिंहभूम जिलों में पाए गए हैं।

5.50 लाख नए आवेदकों को मिलेगा लाभ

सरकार का मानना है कि फर्जी और निष्क्रिय राशन कार्ड हटने के बाद पात्र लोगों को योजना का लाभ देने का रास्ता साफ होगा। वर्तमान में नए राशन कार्ड और नाम जोड़ने से संबंधित 5.50 लाख से अधिक आवेदन लंबित हैं। इनमें 1,94,669 नए राशन कार्ड के आवेदन तथा 3,60,178 नाम जोड़ने के आवेदन शामिल हैं। विभाग के अनुसार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत राज्य में फिलहाल 1,16,636 सीटें खाली हैं, जिन्हें पात्र लाभुकों से भरा जाएगा।

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