भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में BHRC सख्त, मुख्य सचिव, DGP और SP से मांगी रिपोर्ट

Rupa Kumari | June 23, 2026 | 01:08 PM IST

Samachar Post डेस्क, पटना : चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में बिहार मानवाधिकार आयोग (BHRC) ने बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुए राज्य के मुख्य सचिव, डीजीपी और भोजपुर के एसपी को नोटिस जारी कर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। इस कार्रवाई के बाद मामले की जांच और पुलिस कार्रवाई पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। इससे पहले दिल्ली उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने मामले को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के समक्ष उठाया था। शिकायत में दावा किया गया था कि मृतक भरत भूषण तिवारी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और उसकी मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई। शिकायतकर्ता ने मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी या सीबीआई से कराने की मांग की थी।

पुलिस मुख्यालय ने स्वीकार की चूक

मामले में पहली बार बिहार पुलिस मुख्यालय ने कार्रवाई के दौरान हुई त्रुटियों को स्वीकार किया है। पुलिस के अनुसार 16 जून को आरोपी के खिलाफ कार्रवाई के दौरान हालात को प्रभावी ढंग से नियंत्रित नहीं किया जा सका। लॉ एंड ऑर्डर एडीजी Sudhanshu Kumar ने बताया कि लापरवाही के आरोप में संबंधित थाना प्रभारी, दो दरोगा, एक एएसआई और एक सिपाही समेत कुल पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। विभागीय स्तर पर भी मामले की समीक्षा की जा रही है। राज्य सरकार ने मामले की जांच शाहाबाद प्रक्षेत्र के डीआईजी को सौंप दी है। अधिकारियों के अनुसार जांच में फॉरेंसिक साइंस लैब और अन्य आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा, ताकि घटना से जुड़े सभी तथ्यों की निष्पक्ष और वैज्ञानिक तरीके से पड़ताल हो सके।

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राजनीतिक सरगर्मी भी तेज

एनकाउंटर को लेकर बिहार की राजनीति भी गरमा गई है। विपक्ष लगातार निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है, जबकि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं ने भी पारदर्शी जांच की जरूरत बताई है। इस बीच सम्राट चौधरी भी मामले में हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से स्वतंत्र जांच कराने का निर्देश दिए जाने की बात कही है। अब सभी की निगाहें जांच एजेंसियों और मानवाधिकार आयोग को सौंपी जाने वाली रिपोर्ट पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई तय होगी।

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