झारखंड में ब्रेन मलेरिया का कहर, 72 घंटे में 4 बच्चों की मौत; 20 से अधिक मरीज अस्पताल में भर्ती

Rupa Kumari | June 30, 2026 | 11:28 AM IST

Samachar Post रिपोर्टर, जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड में ब्रेन मलेरिया का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। बीते 72 घंटों के दौरान चार बच्चों की मौत और 20 से अधिक मरीजों के अस्पताल में भर्ती होने से क्षेत्र में चिंता का माहौल है। कई मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जबकि स्वास्थ्य विभाग लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है। हालांकि जिला स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सरकारी रिकॉर्ड में अब तक ब्रेन मलेरिया से दो मौतों की ही पुष्टि हुई है। इसके बावजूद लगातार सामने आ रहे मामलों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।

चार बच्चों की मौत से इलाके में दहशत

ब्रेन मलेरिया से जान गंवाने वालों में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की छात्रा लखी सरदार, आठ वर्षीय राहुल सरदार, आठ वर्षीय सुबोला सरदार और एक वर्षीय खुशबू सरदार शामिल हैं। लगातार हो रही मौतों के बाद ग्रामीणों में भय और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से इलाके में तेज बुखार के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और समय पर उपचार नहीं मिलने की शिकायत भी की है।

कस्तूरबा विद्यालय की छात्राओं में भी संक्रमण

स्वास्थ्य विभाग की जांच में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की तीन छात्राओं समेत नौ नए मरीजों में ब्रेन मलेरिया की पुष्टि हुई है। एक ही विद्यालय की कई छात्राओं के संक्रमित मिलने के बाद प्रशासन ने परिसर और आसपास के क्षेत्रों में विशेष स्वास्थ्य जांच अभियान शुरू कर दिया है। विद्यालय में रह रही छात्राओं के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जा रही है और चिकित्सकीय टीम नियमित जांच कर रही है। संक्रमित कई बच्चों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए जमशेदपुर स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया है। इनमें एक वर्षीय बच्ची भी शामिल थी, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। अस्पताल सूत्रों के अनुसार मरीजों में तेज बुखार, उल्टी, बेहोशी और दौरे पड़ने जैसे गंभीर लक्षण देखे जा रहे हैं। डॉक्टरों की विशेष टीम मरीजों के उपचार में जुटी हुई है।

प्रभावित गांवों में विशेष स्वास्थ्य अभियान

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित गांवों में घर-घर जांच अभियान शुरू किया है। स्वास्थ्यकर्मी संभावित मरीजों की पहचान कर उनका परीक्षण कर रहे हैं और लोगों को मलेरिया से बचाव के प्रति जागरूक भी कर रहे हैं। अब तक सैकड़ों लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है और संदिग्ध मरीजों की लगातार निगरानी की जा रही है।

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900 से अधिक लोगों की जांच, 43 मरीज मिले पॉजिटिव

जिला चिकित्सा पदाधिकारी साहिर पॉल ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में अब तक 900 से अधिक लोगों की जांच की गई है। इनमें 43 से ज्यादा लोगों में मलेरिया संक्रमण की पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा कि सभी संक्रमित मरीजों का इलाज सदर अस्पताल और एमजीएम अस्पताल में किया जा रहा है। मौसम में बदलाव और मच्छरों की बढ़ती संख्या को संक्रमण बढ़ने का प्रमुख कारण माना जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से आसपास साफ-सफाई बनाए रखने, जलजमाव नहीं होने देने और मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने की अपील की है।

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