Samachar Post रिपोर्टर, रांची : केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद की 16वीं बैठक में झारखंड सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण मांगें केंद्र सरकार के समक्ष रखीं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने राज्य की स्वास्थ्य चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि झारखंड देश की अर्थव्यवस्था को खनिज संपदा प्रदान करता है, लेकिन खनन प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उन्होंने मलेरिया, फाइलेरिया, कालाजार, टीबी, एनीमिया, थैलेसीमिया और कैंसर जैसी बीमारियों को राज्य की प्रमुख चुनौतियां बताया।उन्होंने कहा कि इन बीमारियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत मिलने वाली सहायता पर्याप्त नहीं है और राज्य को अतिरिक्त वित्तीय सहयोग की आवश्यकता है।
रांची में AIIMS खोलने की मांग
बैठक में राजधानी रांची में नए AIIMS की स्थापना की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि झारखंड में फिलहाल केवल अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान देवघर कार्यरत है, जो राज्य के कई जिलों से काफी दूर स्थित है। उन्होंने कहा कि गंभीर मरीजों को समय पर सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए रांची में AIIMS की स्थापना जरूरी है।
RIMS-2 परियोजना के लिए मांगे 2000 करोड़ रुपये
राज्य सरकार ने बैठक में RIMS के विस्तार की महत्वाकांक्षी योजना भी साझा की। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि लगभग 4100 करोड़ रुपये की लागत से RIMS-2 परियोजना विकसित की जा रही है, जिसके लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक से ऋण लिया जा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस परियोजना के लिए 2000 करोड़ रुपये की विशेष वित्तीय सहायता देने का अनुरोध किया। उनका कहना है कि RIMS-2 के निर्माण से झारखंड के साथ-साथ पूर्वी भारत के लाखों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। बैठक में राज्य सरकार ने मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस सीटों की संख्या 100 से बढ़ाकर 200 और पीजी सीटों की संख्या 250 तक करने का प्रस्ताव रखा। सरकार का मानना है कि इससे भविष्य में डॉक्टरों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ेगी।

आठ जिलों में नए मेडिकल कॉलेज की मांग
स्वास्थ्य मंत्री ने चतरा, गढ़वा, गोड्डा, गुमला, पाकुड़, रामगढ़, सिमडेगा और साहिबगंज में नए मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की मांग भी केंद्र के समक्ष रखी। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के छात्रों को मेडिकल शिक्षा का अवसर मिलेगा और स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी।

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आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के लिए भी मंजूरी की मांग
इरफान अंसारी ने राज्य में आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए केंद्र से शीघ्र मंजूरी देने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार इस संबंध में आवश्यक तैयारियां पूरी कर चुकी है और अब केंद्र की स्वीकृति का इंतजार है। स्वास्थ्य मंत्री ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार झारखंड की इन मांगों पर सकारात्मक विचार करेगी, जिससे राज्य की स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।

