Samachar Post रिपोर्टर,बोकारो :जिले के करहरिया गांव स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय जरीडीह में मिड-डे मील (एमडीएम) योजना में अनियमितता का मामला सामने आया है। जांच के दौरान प्रधानाध्यापिका और रसोइया के बयानों में विरोधाभास मिलने से पूरे मामले पर सवाल उठने लगे हैं। रसोइया का कहना है कि उन्हें छात्रों के लिए केवल 7 किलो चावल और 1 किलो दाल उपलब्ध कराई गई थी। वहीं विद्यालय की प्रधानाध्यापिका बेला देवी का दावा है कि 9 किलो चावल और 1 किलो 800 ग्राम दाल दी गई थी। दोनों के अलग-अलग दावों के बाद एमडीएम वितरण में गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है।
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मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं मिलने का आरोप
सरकार की मिड-डे मील योजना के तहत छात्रों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार पौष्टिक भोजन, अंडा, फल और हरी सब्जियां उपलब्ध कराई जानी चाहिए। हालांकि छात्रों का आरोप है कि उन्हें नियमित रूप से केवल चावल, आलू, चना और चोखा ही परोसा जाता है। हरी सब्जियां, फल और अंडा अक्सर नहीं दिए जाते। एक छात्र ने बताया कि स्कूल में ज्यादातर दिनों केवल आलू और चावल ही खाने को मिलता है।
पढ़ाई व्यवस्था पर भी छात्रों ने उठाए सवाल
विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था पर भी सवाल उठे हैं। छात्रों का कहना है कि कई बार कक्षाएं खाली रहती हैं और शिक्षकों को पढ़ाने के लिए बुलाना पड़ता है। एक छात्रा ने आरोप लगाया कि शिक्षक अक्सर एक जगह बैठकर बातचीत करते रहते हैं और नियमित रूप से कक्षाओं में नहीं जाते।

जांच कमेटी गठित, कार्रवाई का आश्वासन
मामले पर बोकारो की डीडीसी शताब्दी मजूमदार ने कहा कि शिकायत उनके संज्ञान में आ गई है। पूरे मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की जा रही है। उन्होंने कहा कि विद्यालय की मिड-डे मील व्यवस्था सहित अन्य गतिविधियों की भी जांच होगी और दोषी पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

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