झारखंड में 765 स्कूल बनेंगे प्लस-टू, गांवों व दुर्गम इलाकों के छात्रों को मिलेगा लाभ

Meenu | June 24, 2026 | 03:15 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर,रांची :झारखंड सरकार ने माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के 765 विद्यालयों को प्लस-टू स्तर तक अपग्रेड करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके बाद चयनित स्कूलों में आगामी शैक्षणिक सत्र से 11वीं और 12वीं कक्षाओं की पढ़ाई शुरू कराने की तैयारी की जाएगी।

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ग्रामीण और दूरदराज के छात्रों को मिलेगा फायदा

सरकार के इस फैसले का सबसे अधिक लाभ ग्रामीण, पहाड़ी, जंगल और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों को मिलेगा। अब उन्हें उच्च माध्यमिक शिक्षा के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। अपग्रेड किए जाने वाले विद्यालयों में 449 उच्च विद्यालय और 316 मध्य विद्यालय शामिल हैं। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने सभी जिलों से ऐसे विद्यालयों की सूची मांगी थी, जिन्हें प्लस-टू स्तर तक विकसित किया जा सके। जिलों से कुल 3,334 प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। निर्धारित मानकों के आधार पर इनमें से 765 विद्यालयों का चयन किया गया। विद्यालयों के चयन में उन पंचायतों को प्राथमिकता दी गई है, जहां अभी तक कोई प्लस-टू विद्यालय उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा कम से कम एक एकड़ भूमि वाले विद्यालयों को चुना गया है। पहाड़ी, पठारी, घने जंगलों और नदी से घिरे क्षेत्रों के स्कूलों को भी प्राथमिकता सूची में रखा गया है।

शिक्षा व्यवस्था में असंतुलन बना बड़ा कारण

सरकार के अनुसार राज्य में प्रति एक लाख आबादी पर 106 प्राथमिक और मध्य विद्यालय हैं, जबकि हाईस्कूल एवं प्लस-टू विद्यालयों की संख्या मात्र आठ है। माध्यमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर भी अधिक है। नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत 9वीं से 12वीं तक की शिक्षा एक ही परिसर में उपलब्ध कराने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

पंचायत और शहरी क्षेत्रों में इतने स्कूल होंगे अपग्रेड

योजना के तहत पंचायत क्षेत्रों में 361 उच्च विद्यालय और 295 मध्य विद्यालयों को प्लस-टू स्तर तक विकसित किया जाएगा। वहीं नगर निकाय क्षेत्रों में 53 उच्च विद्यालय और 41 मध्य विद्यालयों को अपग्रेड किया जाएगा। इसके अलावा 15 दुर्गम क्षेत्रों के उच्च विद्यालय भी इस योजना में शामिल हैं।

शिक्षकों के नए पद होंगे सृजित

अपग्रेड किए जाने वाले प्रत्येक विद्यालय में प्रधानाध्यापक सहित 12 पद सृजित किए जाएंगे। साथ ही विद्यार्थियों की संख्या और विषयों की आवश्यकता के अनुसार विभिन्न विषयों के 13 अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति का भी प्रावधान किया गया है।

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