Samachar Post रिपोर्टर,पाकुड़ :झारखंड के पाकुड़ जिले में ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का पर्व गुरुवार को पूरे उत्साह, अकीदत और भाईचारे के साथ मनाया जा रहा है। सुबह से ही शहर और ग्रामीण इलाकों की मस्जिदों और ईदगाहों में नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। नमाज अदा करने के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बकरीद की मुबारकबाद दी। चेंगाडांगा, सीतापहाड़ी, ईलामी, झिगरहटी, फरसा और रहसपुर समेत कई गांवों में सामूहिक नमाज का आयोजन किया गया। पूरे जिले में सौहार्द और भाईचारे का माहौल देखने को मिला।
यह भी पढ़ें :जामताड़ा कोर्ट का बड़ा फैसला, फर्जी बैंक अधिकारी बनकर ठगी करने वाले दो आरोपियों को 3-3 साल की सजा
इमामों ने दिया अमन और इंसानियत का संदेश
चेंगाडांगा जुम्मा मस्जिद के इमाम मौलाना अब्दुल रब और वाकतिया मस्जिद के इमाम समाउल इस्लाम ने नमाज अदा कराई। नमाज के बाद देश और प्रदेश में अमन-चैन, खुशहाली और तरक्की की दुआ मांगी गई। खुतबे के दौरान मौलाना अब्दुल रब ने कहा कि बकरीद त्याग, आत्मसमर्पण और इंसानियत की सेवा का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि कुर्बानी केवल एक धार्मिक रस्म नहीं, बल्कि अपने भीतर की बुराइयों और अहंकार को खत्म करने का प्रतीक है। उन्होंने लोगों से गरीबों और जरूरतमंदों को भी त्योहार की खुशियों में शामिल करने की अपील की।
नमाज के बाद निभाई गई कुर्बानी की रस्म
नमाज के बाद मुस्लिम धर्मावलंबियों ने हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम की सुन्नत को निभाते हुए पशुओं की कुर्बानी दी। परंपरा के अनुसार कुर्बानी के गोश्त को गरीबों, रिश्तेदारों और परिवार के लोगों के बीच बांटा गया। बच्चों और युवाओं में पर्व को लेकर खास उत्साह देखने को मिला। लोगों ने अपने घरों में विशेष पकवान बनाए और रिश्तेदारों के साथ त्योहार की खुशियां साझा कीं।
प्रशासन रहा पूरी तरह मुस्तैद
बकरीद को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट रही। संवेदनशील इलाकों, मस्जिदों और ईदगाहों के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी प्रशासन की विशेष निगरानी बनी रही। पूरे जिले में कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली और त्योहार शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न होता दिखा।
Reporter | Samachar Post