Samachar Post डेस्क, रांची: झारखंड में अब सड़क किनारे मिलने वाला स्ट्रीट फूड पहले से ज्यादा सुरक्षित और साफ-सुथरा होगा। राज्य के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने स्ट्रीट फूड वेंडर्स को ट्रेनिंग देने का फैसला लिया है, ताकि लोगों को स्वच्छ और सुरक्षित भोजन मिल सके।
NASVI और नेस्ले इंडिया मिलकर चलाएंगे अभियान
सरकार ने इस पहल के लिए National Association of Street Vendors of India (NASVI) और खाद्य सुरक्षा पदाधिकारियों के साथ मिलकर कार्यक्रम चलाने का निर्देश दिया है। साथ ही नेस्ले इंडिया को भी वेंडर्स को ट्रेनिंग देने की अनुमति दी गई है। कंपनी ने 1 अप्रैल 2026 को प्रस्ताव भेजा था, जिसे सरकार ने मंजूरी दे दी।
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क्या सिखाया जाएगा ट्रेनिंग में?
इस ट्रेनिंग के दौरान वेंडर्स को कई अहम पहलुओं की जानकारी दी जाएगी, जैसे साफ-सफाई और पर्सनल हाइजीन, फूड, सेफ्टी और सही फूड हैंडलिंग, बर्तनों और ठेले की सफाई, केमिकल के सुरक्षित इस्तेमाल, कचरा प्रबंधन और कीट नियंत्रण इसके अलावा छोटे कारोबार को बेहतर तरीके से चलाने और ग्राहकों का भरोसा जीतने के तरीके भी सिखाए जाएंगे।
रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस होगा जरूरी
सरकार ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि स्ट्रीट फूड वेंडर्स का 100% रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस सुनिश्चित किया जाए। इससे बिना लाइसेंस चल रहे फूड कारोबार को भी नियमों के दायरे में लाया जा सकेगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद वेंडर्स को सर्टिफिकेट और हाइजीन किट दी जाएगी। इसके साथ ही FSSAI और झारखंड सरकार के लोगो के इस्तेमाल की भी अनुमति दी गई है। इस पहल से न सिर्फ लोगों को सुरक्षित खाना मिलेगा, बल्कि स्ट्रीट फूड वेंडर्स के कारोबार को भी मजबूती मिलेगी और ग्राहकों का भरोसा बढ़ेगा।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।