Samachar Post रिपोर्टर, रांची :रांची से जुड़ी अहम खबर में, केंद्र और राज्य स्तर पर कस्टोडियल डेथ (हिरासत में मौत) के मामलों को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। अब ऐसे मामलों में पीड़ित परिवारों को ₹10 लाख तक की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान किया गया है। इस फैसले का उद्देश्य उन परिवारों को त्वरित सहायता देना है, जिनका कमाने वाला सदस्य पुलिस या न्यायिक हिरासत में मौत का शिकार हो जाता है। इससे आर्थिक संकट झेल रहे परिवारों को कुछ राहत मिल सकेगी।
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अदालतों की सख्ती के बाद निर्णय
सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न हाई कोर्ट्स ने कई मामलों में कस्टोडियल डेथ को गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन मानते हुए सरकारों को मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं। कस्टोडियल डेथ को अनुच्छेद 21 (जीवन के अधिकार) का सीधा उल्लंघन माना जाता है। इसी कारण अदालतें और मानवाधिकार संस्थाएं इस पर लगातार सख्ती बरतने की मांग करती रही हैं।
जवाबदेही बढ़ाने की कोशिश
हाल के वर्षों में देशभर में हिरासत में मौत के मामलों को लेकर सवाल उठते रहे हैं। संसद और विभिन्न रिपोर्ट्स में भी इन मामलों पर चिंता जताई गई है। सरकार के इस फैसले से न सिर्फ पीड़ित परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, बल्कि पुलिस और प्रशासनिक व्यवस्था में जवाबदेही भी मजबूत होगी।
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