Samachar Post डेस्क, बिहार: छपरा में वर्ष 2009 के हत्या मामले में अदालत ने तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह मामला रेलवे क्वार्टर विवाद के दौरान हुई चाकूबाजी और बाद में घायल युवक की मौत से जुड़ा था।
अदालत ने तीनों को दोषी करार दिया
जिला एवं सत्र न्यायाधीश अष्टम अनिल कुमार भारद्वाज की अदालत ने छपरा मुफस्सिल थाना कांड संख्या-21/2009 में सुनवाई पूरी करने के बाद फैसला सुनाया। दोषियों में खैरा थाना क्षेत्र के निवासी सुबोध राय, सुधीर राय और वीरेंद्र राय शामिल हैं। अदालत ने तीनों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा दी। अदालत ने यह भी कहा कि यदि दोषी जुर्माना जमा नहीं करते हैं, तो उन्हें छह महीने की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
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रेलवे क्वार्टर विवाद में हुआ था हमला
मामला 1 फरवरी 2009 का है। शिकायतकर्ता संजीत कुमार यादव ने इलाज के दौरान दिए गए बयान में बताया था कि ड्यूटी से घर लौटते समय साढ़ा डाला सेंट्रल बैंक के पास आरोपियों ने उन्हें घेर लिया। आरोप था कि रेलवे क्वार्टर खाली करने को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद दोनों पक्षों में झड़प हुई। इसी दौरान आरोपियों ने उन पर चाकू से हमला कर दिया।
इलाज के दौरान हुई थी मौत
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने घायल संजीत कुमार यादव को सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए पटना रेफर किया गया था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने 20 जून 2009 को मामले को हत्या में परिवर्तित कर जांच शुरू की थी। अब 17 साल बाद अदालत ने इस मामले में फैसला सुनाया है।
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