Samachar Post डेस्क, पटना: पटना में गंगा तट पर चल रहा अतिक्रमण हटाओ अभियान तेज हो गया है। प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सभ्यता द्वार से कलेक्ट्रेट के पीछे तक बने 35 अवैध पक्के मकानों को बुलडोजर से जमींदोज कर दिया। यह कार्रवाई जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम के निर्देश पर की गई।
संवेदनशील क्षेत्र में अतिक्रमण पर सख्ती
प्रशासन के अनुसार गंगा तट का इलाका पर्यावरण और जनहित की दृष्टि से बेहद संवेदनशील है। यहां कई महत्वपूर्ण विकास योजनाएं प्रस्तावित हैं, इसलिए किसी भी तरह का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि संबंधित जमीन असर्वेक्षित है और पूरी तरह सरकारी संपत्ति के अंतर्गत आती है, जिस पर निजी दावा मान्य नहीं है।
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अभियान लगातार जारी रहेगा
जिलाधिकारी ने कहा कि कई स्थानों पर असामाजिक तत्वों ने पक्के निर्माण कर अवैध कब्जा कर लिया था, जिन्हें हटाया जा रहा है। एसडीओ और एसडीपीओ को निर्देश दिया गया है कि अतिक्रमण हटाने के बाद दोबारा कब्जा न हो, इसकी सख्ती से निगरानी की जाए। कार्रवाई में बाधा डालने वालों पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। अतिक्रमण हटाने के बाद प्रशासन इस क्षेत्र को ग्रीन जोन के रूप में विकसित करने की योजना बना रहा है। यहां पार्किंग, सार्वजनिक सुविधाएं और अन्य आधारभूत ढांचे तैयार किए जाएंगे, ताकि गंगा तट को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाया जा सके।
एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन
प्रशासन ने बताया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार गंगा के फ्लड प्लेन और तटीय क्षेत्रों में निर्माण प्रतिबंधित है। अवैध निर्माण की शिकायतों के बाद यह सख्त कार्रवाई की गई। प्रशासन का कहना है कि गंगा पथ, अशोक राजपथ और पटना साहिब जैसे क्षेत्रों में विकास कार्य पहले से जारी हैं। अतिक्रमण हटने के बाद वन विभाग, नगर विकास विभाग, आवास और पथ निर्माण विभाग मिलकर क्षेत्र का सुंदरीकरण और विकास करेंगे।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।