Samachar Post रिपोर्टर, चाईबासा: चाईबासा स्थित कोषागार से पुलिस विभाग के खाते से लाखों रुपये की गड़बड़ी सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। इस मामले में मुफस्सिल थाना में प्राथमिकी दर्ज कर एक सिपाही को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है।
फर्जी बिल और जाली हस्ताक्षर से निकाले रुपये
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने फर्जी बिल, नकली दस्तावेज और जाली हस्ताक्षर के जरिए किस्तों में करीब 45 लाख रुपये की अवैध निकासी की। मुख्य आरोपी सिपाही देव नारायण मुर्मू पर आरोप है कि उसने निकाली गई रकम का कुछ हिस्सा अपने परिजनों के बैंक खातों में ट्रांसफर किया। जांच में कोषागार से जुड़े दो अन्य कर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है, जिससे मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है।
यह भी पढ़ें: पूर्णिमा साहू ने महिला आरक्षण पर विपक्ष को घेरा, 28 अप्रैल को निकलेगा मशाल जुलूस
ऑडिट में खुला मामला
बताया जा रहा है कि नियमित ऑडिट के दौरान खातों के मिलान में गड़बड़ी सामने आई, जिसके बाद पूरे घोटाले का खुलासा हुआ। सूचना मिलते ही उपायुक्त और एसपी के निर्देश पर विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की गई। करीब तीन दिनों तक चली जांच में कई अहम तथ्य सामने आए हैं।
एक गिरफ्तार, बाकी की तलाश जारी
एसपी ने बताया कि एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। अवैध रूप से निकाली गई राशि की बरामदगी के लिए भी पुलिस प्रयास कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस घोटाले में और कौन-कौन शामिल हैं और पैसा किन खातों में भेजा गया।
Reporter | Samachar Post
मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।