सेल चेयरमैन चयन अंतिम चरण में, 28 मार्च को 10 उम्मीदवारों का इंटरव्यू

Rupa Kumari | March 19, 2026 | 11:37 AM IST

Samachar Post रिपोर्टर, बोकारो : स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) में चेयरमैन सह प्रबंध निदेशक (सीएमडी) के चयन की प्रक्रिया अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। इस अहम पद के लिए 10 दावेदारों का ऑनलाइन इंटरव्यू 28 मार्च 2026 को सुबह 9 बजे से 11 बजे तक आयोजित किया जाएगा।

इंटरव्यू के तुरंत बाद आ सकता है रिजल्ट

जानकारी के मुताबिक इंटरव्यू खत्म होने के कुछ ही घंटों के भीतर नतीजे घोषित किए जा सकते हैं। इसके बाद चयनित नाम को पब्लिक एंटरप्राइजेज सेलेक्शन कमेटी (PESB) द्वारा कैबिनेट कमेटी के पास अंतिम मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। मंजूरी मिलते ही नए सीएमडी पदभार संभालेंगे।

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अंदर और बाहर के उम्मीदवारों में मुकाबला

इस बार चयन प्रक्रिया काफी प्रतिस्पर्धी है। कुल 10 दावेदारों में से 6 उम्मीदवार सेल के विभिन्न यूनिट से हैं, जबकि 4 बाहरी संगठनों और रेलवे पृष्ठभूमि से जुड़े हैं। रेलवे अधिकारियों की एंट्री ने इस रेस को और दिलचस्प बना दिया है।

ये हैं प्रमुख दावेदार

रेस में शामिल प्रमुख नामों में निदेशक (वित्त) एके पांडा, निदेशक (माइनिंग) मनीष राज गुप्ता, राउरकेला स्टील प्लांट के प्रभारी आलोक वर्मा, बोकारो स्टील प्लांट के अनीश दासगुप्ता, एमपी सिंह और विपिन कुमार गिरी शामिल हैं। इसके अलावा बाहरी उम्मीदवारों में राइट्स लिमिटेड के निदेशक (वित्त) कृष्ण गोपाल अग्रवाल, रेलवे से अनूप कुमार सतपति और डॉ. पुड़ी हरिप्रसाद भी मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। वहीं, भारत सरकार में अतिरिक्त सचिव सह वित्तीय सलाहकार चेतन प्रकाश जैन, जो वर्तमान में सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के सीएमडी हैं, भी इस दौड़ में शामिल हैं।

नए चेयरमैन के सामने बड़ी चुनौती

नए सीएमडी के सामने सेल की विस्तार और आधुनिकीकरण योजनाओं को समय पर पूरा करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। करीब 1 लाख करोड़ रुपये के निवेश वाले इन प्रोजेक्ट्स से उत्पादन क्षमता बढ़ाने और कंपनी को वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाने का लक्ष्य है।

अंतरिम व्यवस्था पर भी विचार

पूर्व चेयरमैन अमरेंदु प्रकाश के इस्तीफे के बाद यह पद खाली है। ऐसे में इस्पात मंत्रालय कार्यवाहक चेयरमैन की नियुक्ति पर भी विचार कर रहा है, ताकि कंपनी का कामकाज प्रभावित न हो।

पांच साल का होगा कार्यकाल

नए चेयरमैन का कार्यकाल पांच साल के लिए तय किया जाएगा। सरकार की कोशिश है कि ऐसा नेतृत्व चुना जाए जो बड़े प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा कर सके और सेल को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे ले जाए।

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