Samachar Post रिपोर्टर, रांची : रसोई गैस (LPG) सिलेंडरों की उपलब्धता को लेकर बढ़ती शिकायतों के बीच जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। मंजूनाथ भजंत्री, उपायुक्त रांची, लगातार तेल विपणन कंपनियों, गैस एजेंसियों और आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं।
24 हजार से अधिक घरों में PNG कनेक्शन
प्रशासन के अनुसार रांची शहर में 24,000 से अधिक घरों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) का कनेक्शन पहले से स्थापित है। जिन अपार्टमेंट और हाउसिंग सोसाइटी में PNG पाइपलाइन नेटवर्क मौजूद है, वहां रहने वाले लोग आसानी से नया कनेक्शन ले सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि इच्छुक उपभोक्ता GAIL के टोल-फ्री नंबर 1800-123-121111 पर कॉल कर कनेक्शन की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।
यह भी पढ़ें: गैस सिलेंडर और पेट्रोल की कोई कमी नहीं, कालाबाजारी के लिए बनाया जा रहा कृत्रिम संकट: बाबूलाल मरांडी
LPG की कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई
डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने निर्देश दिया है कि तेल विपणन कंपनियां और गैस एजेंसियां यह सुनिश्चित करें कि उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी न हो। LPG सिलेंडरों की कालाबाजारी या अवैध भंडारण पाए जाने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में उपभोक्ता ‘अबुआ साथी’ हेल्पलाइन 9430328080 पर शिकायत या सूचना दे सकते हैं। डीसी ने लोगों से अपील की है कि वे घबराहट में जरूरत से ज्यादा सिलेंडर बुक न करें, ताकि आपूर्ति व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव न पड़े।
हेल्पलाइन और गैस एजेंसी नंबर
रसोई गैस और PNG से जुड़ी सहायता के लिए उपभोक्ता इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:
- PNG कनेक्शन: 1800-123-121111
- अबुआ साथी’ हेल्पलाइन: 9430328080
- झलक इंडेन, डोरंडा: 6204801046, 6204801051
- एसके गैस सर्विस, बारियातू: 7033632177, 8809313177
- वैष्णवी इंडियन गैस एजेंसी, धुर्वा: 9430329616
प्रशासन का फोकस
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जनता के साथ बेहतर संवाद बनाए रखें, हेल्पलाइन सेवाओं को प्रभावी बनाएं और किसी भी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करें। इस समीक्षा बैठक में सौरभ भुवनिया (डीडीसी) और कुमार रजत समेत तेल विपणन कंपनियों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।
Reporter | Samachar Post
मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।